November 4, 2026

छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर 10 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दयालबंद निवासी विशालचंद्र केसरी ने भारतीय नगर निवासी प्रफुल्ल झा पर दूसरे लोगों के नाम दर्ज जमीनों को अपने से अनुबंधित बताकर सौदा करने और एडवांस रकम लेने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।

70 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से जमीन का सौदा करने का आरोप

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, विशालचंद्र केसरी ने आरोप लगाया कि प्रफुल्ल झा ने बिलासपुर के अमेरी क्षेत्र में स्थित कई जमीनों को अपने से अनुबंधित बताते हुए 70 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से बेचने का सौदा किया था। इस संबंध में 10 दिसंबर 2025 को अनुबंध किया गया था।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से 10 लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे। बाद में उन्हें कथित तौर पर पता चला कि अनुबंध में शामिल कुछ भूखंड राजस्व रिकॉर्ड में अन्य व्यक्तियों के नाम पर दर्ज हैं।

आदिवासी महिला के नाम दर्ज जमीन भी सौदे में शामिल करने का आरोप

शिकायत में बताया गया है कि खसरा नंबर 232 की 0.2430 हेक्टेयर जमीन राजस्व रिकॉर्ड में चंद्रकली बाई के नाम पर दर्ज थी, जो गोंड आदिवासी समुदाय से थीं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस जमीन को सामान्य वर्ग की भूमि बताकर सौदे में शामिल किया गया और जमीन के वास्तविक स्वामित्व से जुड़ी जानकारी छिपाई गई।

हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

रजिस्ट्री के लिए संपर्क करने पर टालमटोल का आरोप

विशालचंद्र केसरी के मुताबिक, एडवांस रकम देने के बाद जब उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए प्रफुल्ल झा से संपर्क किया, तो वह कथित तौर पर लगातार टालमटोल करता रहा। कई बार प्रयास करने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं होने और संपर्क का जवाब नहीं मिलने पर उन्हें धोखाधड़ी की आशंका हुई।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रफुल्ल झा ने कृष्णा दुआ के नाम से जारी मुख्तियारनामा के आधार पर जमीन बेचने का अधिकार होने की बात कही थी। बाद में उन्हें कथित रूप से जानकारी मिली कि संबंधित मुख्तियारनामा जमीन की बिक्री के लिए अधिकृत नहीं था और उसकी प्रामाणिकता पर भी सवाल थे।

अन्य जमीनों के अनुबंध का भी शिकायत में उल्लेख

शिकायत के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 को मसानगंज और तोरवा क्षेत्र की अन्य जमीनों के संबंध में भी प्रफुल्ल झा के साथ अनुबंध किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन जमीनों को बेचने का अधिकार होने की बात भी मुख्तियारनामा के आधार पर कही गई थी, लेकिन किसी भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई।

आवेदन में विशालचंद्र केसरी ने पहले की शिकायत और सिविल लाइन थाने में दर्ज एफआईआर क्रमांक 631, दिनांक 10 मई 2026 का भी उल्लेख किया है। उन्होंने आशंका जताई है कि कथित फर्जी अनुबंधों के जरिए अन्य लोगों को भी नुकसान पहुंचाया गया हो सकता है।

BNS की धाराओं में मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336, 338 और 340 के तहत अपराध दर्ज किया है। आरोपी प्रफुल्ल झा को गिरफ्तार कर लिया गया है।

फिलहाल, पुलिस जमीनों के दस्तावेज, अनुबंध और मुख्तियारनामा से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।

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