September 14, 2026

कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने और अंतरिम राहत नहीं मिलने के बाद अब पुलिस विभाग ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत और जबलपुर जोन के निर्देश पर कुठला थाने में CSP समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, दबाव बनाने और आपराधिक सांठगांठ से जुड़ी धाराओं में FIR दर्ज की गई है।

मामला कुठला थाना क्षेत्र के खसरा नंबर 2618/1 की बेशकीमती जमीन के कथित कम कीमत पर कराए गए सौदे से जुड़ा है। विभागीय जांच के मुताबिक सरकारी गाइडलाइन के अनुसार जमीन की कीमत 82 लाख 86 हजार 930 रुपये थी, जबकि इसकी रजिस्ट्री महज 18 लाख 20 हजार रुपये में कराई गई।

82 लाख की जमीन 18 लाख में खरीदने का आरोप

जांच के अनुसार रजिस्ट्री में जमीन की कीमत के तौर पर 15 लाख रुपये चेक से और 3.20 लाख रुपये नकद भुगतान दर्शाया गया। मामले की जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल ने की।

जांच में कथित तौर पर जमीन के खरीदार मारूफ अहमद हनफी के बैंक खाते से जुड़े ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे पूरे लेन-देन पर सवाल खड़े हुए हैं।

रजिस्ट्री के दिन खाते में आए 15 लाख

जांच रिपोर्ट के मुताबिक 11 जुलाई 2025 को मारूफ के खाते में केवल 3,036 रुपये थे, जबकि 1 जुलाई 2026 को खाते में 1,61,516 रुपये जमा थे। इसके बाद 15 अप्रैल 2026, यानी रजिस्ट्री वाले दिन, उसके खाते में अचानक 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।

जांच के अनुसार इन 15 लाख रुपये में से 10 लाख रुपये ‘शाइन पार्टनर्स’ के खाते से और 5 लाख रुपये क्षितिज राज बारापात्रे के खाते से आए।

एक ही PAN से जुड़े खातों ने बढ़ाए सवाल

जांच में यह भी सामने आया कि ‘शाइन पार्टनर्स’ और क्षितिज राज बारापात्रे के बैंक खातों में एक ही PAN नंबर दर्ज है। रिपोर्ट में क्षितिज राज बारापात्रे को CSP नेहा पच्चीसिया का करीबी, संबंधी या व्यावसायिक पार्टनर बताए जाने की बात सामने आई है।

इसी आधार पर पुलिस अब पूरे लेन-देन और जमीन की रजिस्ट्री में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

परिवार पर दबाव बनाने का भी आरोप

मामले में जमीन मालिक रमेश लोधी के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें जमीन कम कीमत पर बेचने के लिए दबाव बनाया गया। रमेश लोधी के बेटे आकाश लोधी का आरोप है कि जेल में रहने के दौरान उनके पिता ने विवादित रजिस्ट्री और नामांतरण को निरस्त कराने के लिए आवेदन दिए थे।

परिवार का आरोप है कि इसके बाद उन्हें दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा तथा रमेश लोधी और उनके दामाद को भी हत्या के मामले में आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। इन आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।

CSP के खिलाफ पहले भी सामने आ चुके हैं आरोप

नेहा पच्चीसिया के कार्यकाल से जुड़े अन्य मामलों को लेकर भी पहले शिकायतें सामने आ चुकी हैं। जुलाई में वाहन चेकिंग के दौरान एक ट्रांसपोर्टर से 30 हजार रुपये की कथित अवैध मांग का मामला सामने आया था। इसके बाद उनके ड्राइवर को निलंबित किया गया और CSP से तीन थानों का प्रभार वापस लिया गया था।

इसके अलावा कुठला थाने के एक हत्या मामले में निर्धारित समय में चालान पेश नहीं होने के कारण मुख्य आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने का मामला भी सामने आया था। इस प्रकरण में वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई थी।

18 अगस्त को कार्रवाई के निर्देश, फिर दर्ज हुई FIR

शिकायत सबसे पहले भोपाल स्थित सतर्कता शाखा पहुंची थी। वहां से मामला जबलपुर जोन भेजा गया। इसके बाद ASP अनु बेनीवाल ने बैंक खातों, जमीन से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की।

रिपोर्ट के आधार पर 18 अगस्त 2026 को जबलपुर जोन कार्यालय ने कटनी पुलिस अधीक्षक को वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद कुठला थाने में FIR दर्ज की गई।

फिलहाल पुलिस बैंक खातों के लेन-देन, जमीन के नामांतरण, रजिस्ट्री की प्रक्रिया और मामले से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। FIR में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

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