इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की योजना को एक बार फिर झटका लगा है। झाबुआ में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज से जुड़ी प्रक्रियाएं वित्तीय संसाधनों की कमी के चलते रोक दी गई हैं। करीब 700 करोड़ रुपये के प्रस्तावित प्रोजेक्ट के लिए विश्वविद्यालय शुरुआती तौर पर जरूरी बताई गई 20 करोड़ रुपये की राशि भी नहीं जुटा सका।

मेडिकल कॉलेज शुरू करने की कोशिश को लेकर यह DAVV के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2001 से अब तक विश्वविद्यालय की ओर से मेडिकल कॉलेज शुरू करने का प्रयास आठवीं बार अटक गया है।
दो साल से चल रही थी झाबुआ मेडिकल कॉलेज की तैयारी
झाबुआ में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया करीब दो साल पहले शुरू हुई थी। इसके लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के अधीन आने वाले इंजीनियरिंग कॉलेज के भवन को अस्थायी परिसर के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई थी।
इस योजना के तहत शासकीय अस्पताल के साथ MoU और कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई थी। इससे पहले 2026 में DAVV की कार्यपरिषद ने प्रस्तावित Faculty of Medicine and Health Sciences के लिए बजट प्रावधान और मेडिकल नियामक से संबंधित शुल्क के भुगतान को भी मंजूरी दी थी।
मई 2026 की रिपोर्टों में बताया गया था कि झाबुआ में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और अस्थायी रूप से इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर से संचालन की अनुमति लेने का प्रस्ताव भी विचाराधीन था।
फंड की कमी के चलते रुकी पूरी प्रक्रिया
अब सामने आई जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक शुरुआती राशि की व्यवस्था नहीं कर पाया। इसके चलते मेडिकल कॉलेज से जुड़ी आगे की प्रक्रियाओं को रोक दिया गया है।
मेडिकल कॉलेज का प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए भवन, अस्पताल, मेडिकल सुविधाओं और अन्य जरूरी संसाधनों पर बड़ा खर्च होना है। ऐसे में शुरुआती वित्तीय संसाधन जुटाना विश्वविद्यालय के सामने बड़ी चुनौती बन गया।
DAVV के अन्य प्रोजेक्ट भी अधूरे
मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट के अलावा विश्वविद्यालय के कई अन्य निर्माण और विकास कार्य भी लंबे समय से लंबित बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 99 करोड़ रुपये के विभिन्न प्रोजेक्ट्स में से कई काम अब तक पूरे नहीं हो सके हैं।
कुलसचिव और कुलपति आवास का निर्माण भी लंबे समय से लंबित बताया जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय की वित्तीय क्षमता और लंबित निर्माण परियोजनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
प्रदेश के नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों का संचालन सरकार करेगी
एक तरफ DAVV का झाबुआ मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट वित्तीय संकट के कारण अटक गया है, वहीं मध्य प्रदेश में नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को लेकर अलग स्तर पर काम जारी है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बुधनी, छतरपुर, उज्जैन और दमोह में मेडिकल कॉलेजों की इमारतें तैयार हो चुकी हैं, जबकि मंडला और राजगढ़ में निर्माण कार्य जारी है। वहीं नीमच और सिंगरौली के मेडिकल कॉलेज केंद्र सरकार की योजना के तहत संचालित किए जाने हैं।
इस बीच DAVV की ओर से झाबुआ में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की योजना फिलहाल वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण रुक गई है।