NCERT की किताब में आपातकाल के उल्लेख पर कांग्रेस का विरोध, जयवर्धन सिंह ने BJP पर साधा निशाना
मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक Jaivardhan Singh ने एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में आपातकाल (Emergency) से जुड़े विषयों को शामिल किए जाने को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा को “बेशर्म पार्टी” बताते हुए आरोप लगाया कि वह अपनी राजनीतिक विचारधारा को बच्चों की शिक्षा तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

रायपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए जयवर्धन सिंह ने कहा कि कांग्रेस राजनीति जरूर करती है, लेकिन कभी बच्चों के भविष्य को राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा नहीं बनाती। उनके अनुसार भाजपा बच्चों की किताबों और शिक्षा व्यवस्था को भी राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
NEET और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला
जयवर्धन सिंह बिलासपुर में कांग्रेस के “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत आयोजित प्रेस वार्ता में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह अभियान देशभर में चलाया जाएगा और 28 शहरों में प्रेस वार्ताएं आयोजित की जा रही हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों का भरोसा प्रभावित किया है।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि देश को Indian Institutes of Technology (IIT), Indian Institutes of Management (IIM) और All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) जैसी संस्थाएं कांग्रेस सरकारों की देन हैं, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में परीक्षा प्रणाली को लेकर विवाद सामने आए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी National Testing Agency (NTA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
सचिन पायलट ने भी उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी Sachin Pilot ने भी एनसीईआरटी की नौवीं कक्षा की पुस्तक में आपातकाल के उल्लेख को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इतिहास को देखने और प्रस्तुत करने के अलग-अलग दृष्टिकोण हो सकते हैं, लेकिन भाजपा शासित राज्यों में इतिहास और पाठ्यपुस्तकों को अपने नजरिए से प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति दिखाई देती है।
पायलट ने कहा कि आज देश के सामने लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और कार्यप्रणाली से जुड़े गंभीर प्रश्न हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक हितों के लिए संवैधानिक संस्थाओं का उपयोग कर रही है और यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
राजनीतिक बहस तेज
एनसीईआरटी की किताबों में आपातकाल से जुड़े अध्यायों और उनकी प्रस्तुति को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जहां भाजपा इसे इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों को छात्रों तक पहुंचाने की पहल बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे शिक्षा के राजनीतिकरण से जोड़कर देख रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति और शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बना रह सकता है।