November 6, 2026

भोपाल: मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा इसे OBC वर्ग को उसका अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है, जबकि कांग्रेस ने सरकार की मंशा और आरक्षण से जुड़े मामले के निराकरण को लेकर सवाल उठाए हैं।

दर्शन सिंह चौधरी बोले- जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी

भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि समाज के विभिन्न वर्गों को उनकी हिस्सेदारी के अनुरूप भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा सरकार OBC वर्ग को उसका वास्तविक अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए चौधरी ने आरोप लगाया कि OBC आरक्षण से जुड़ी पुरानी समस्याओं के लिए कांग्रेस जिम्मेदार रही है। उन्होंने केलकर आयोग और मंडल आयोग का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर ऐतिहासिक रूप से इनसे जुड़े प्रयासों का विरोध करने का आरोप भी लगाया।

भाजपा सांसद के मुताबिक, उनकी सरकार OBC वर्ग के अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता जितेंद्र मिश्रा का पलटवार

भाजपा के दावों पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता जितेंद्र मिश्रा ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि OBC आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा सरकार की नीयत स्पष्ट नहीं है और सरकार इस मामले में प्रभावी कानूनी पैरवी करने में विफल रही है।

मिश्रा ने सवाल किया कि सरकार ने मामले की पैरवी के लिए मजबूत वकीलों की टीम क्यों नहीं खड़ी की। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार होती, तो OBC वर्ग के अधिकारों को बेहतर कानूनी सुरक्षा मिलती।

नए कानून को लेकर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि OBC आरक्षण पर नया कानून लाने की बात केवल राजनीतिक आश्वासन है और चुनाव तक इस दिशा में ठोस समाधान सामने नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि आरक्षण से संबंधित जरूरी फैसले कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही लिए जा चुके थे।

हालांकि, कांग्रेस के ये आरोप और दावे पार्टी का राजनीतिक पक्ष हैं। आरक्षण के मामले की वास्तविक स्थिति समझने के लिए संबंधित न्यायिक आदेशों, सरकार के आधिकारिक कदमों और प्रस्तावित कानूनी प्रावधानों को देखना जरूरी है।

OBC आरक्षण पर जारी है सियासी खींचतान

मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय रहा है। भाजपा जहां इसे OBC वर्ग को अधिकार दिलाने के प्रयास के रूप में पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस सरकार की नीयत, कानूनी तैयारियों और समाधान की समयसीमा पर सवाल उठा रही है।

फिलहाल, दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। आरक्षण से जुड़ी आगे की स्थिति सरकार के कदमों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

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