September 13, 2026

सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली से BJP विधायक रामनिवास शाह ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वार्ड क्रमांक 43 के रहवासियों से मिली शिकायतों के बाद विधायक ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

‘मकान नहीं बना तो कैसे जारी हुई दूसरी और तीसरी किस्त?’

विधायक रामनिवास शाह के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि कई ऐसे हितग्राही हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि मिलने के बाद भी मकान निर्माण का काम शुरू नहीं कराया। इसके बावजूद उन्हें पहली किस्त के बाद दूसरी, तीसरी और पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया।

विधायक ने सवाल उठाया कि यदि मौके पर निर्माण कार्य हुआ ही नहीं था, तो बिना भौतिक सत्यापन के अगली किस्तें किस आधार पर जारी की गईं? उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली और संभावित मिलीभगत की जांच की आवश्यकता बताई है।

2017 में स्वीकृत मकानों में भी अनियमितता का आरोप

विधायक ने बताया कि शिकायतें केवल हाल के मामलों तक सीमित नहीं हैं। वर्ष 2017 में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास से जुड़े कई मामलों में भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे, निगम कमिश्नर और स्थानीय पार्षदों के साथ आपात बैठक की। बैठक में शिकायतों और योजना के तहत जारी राशि की प्रक्रिया को लेकर चर्चा की गई।

दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग

रामनिवास शाह ने कहा कि यदि जांच में अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही अथवा मिलीभगत सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की बात कही है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजना में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जिन हितग्राहियों को निर्माण कार्य पूरा किए बिना आगे की किस्तें जारी होने की शिकायत की गई है, उसमें नियमों का कितना पालन हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

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