रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में आयोजित दशहरा उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया। रावण दहन के साथ हुई भव्य आतिशबाजी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग दशहरा मैदान में जुटे।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा और हर्षिता पांडेय सहित कई जनप्रतिनिधि और नेता मौजूद रहे।
सत्य की विजय और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है दशहरा: सीएम साय
रावण दहन से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दशहरा सत्य की विजय और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। इसी दिन भगवान श्रीराम ने अत्याचारी और अधर्मी रावण का वध किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशनल क्लब लगातार दशहरा उत्सव और रावण दहन का आयोजन करता आ रहा है। वे भी पिछले कई वर्षों से इस कार्यक्रम में शामिल होते रहे हैं। उन्होंने रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा की मेहनत की सराहना भी की।
छत्तीसगढ़ के लिए विजयादशमी का विशेष महत्व
सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए विजय उत्सव का विशेष महत्व है, क्योंकि यह माता कौशल्या की भूमि है और भगवान श्रीराम यहां के भांचा हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के 12 वर्ष छत्तीसगढ़ में बिताए थे।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़वासियों में इसे लेकर विशेष खुशी थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के लोगों को भगवान रामलला के दर्शन कराने के लिए सरकार की ओर से श्रीरामलला दर्शन योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत 50 हजार से अधिक लोग दर्शन कर चुके हैं।
‘हर व्यक्ति को अपने भीतर के रावण रूपी क्रोध को समाप्त करना होगा’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हर व्यक्ति के भीतर रावण रूपी क्रोध मौजूद है। इसे समाप्त करना जरूरी है। उन्होंने दशहरे के संदेश को आत्मसात करते हुए अपने भीतर की बुराइयों और क्रोध पर विजय पाने का आह्वान किया।