इंदौर। शहर के बड़े और नामी होटलों में जहां ग्राहक बेहतर सुविधाओं और खान-पान के लिए बड़ी रकम खर्च करते हैं, वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन प्रतिष्ठानों की किचन व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने इंदौर के पांच प्रमुख होटलों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्टोरेज, लेबलिंग और किचन की साफ-सफाई समेत कई मानकों में कमियां सामने आईं।

यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश के आयुक्त एवं नियंत्रक के निर्देशन और कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में की गई। टीम ने Marriott Hotel, The Park Hotel, Radisson Blu Vijay Nagar, Radisson Red Scheme No. 54 और Hotel Grand Sheraton का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों के स्टोरेज, लेबलिंग, किचन की स्वच्छता, फूड हैंडलर्स की मेडिकल फिटनेस, FIFO/FEFO व्यवस्था, पेयजल परीक्षण और अन्य खाद्य सुरक्षा मानकों को जांचा।
Marriott Hotel के किचन में जलभराव और जंग लगी ट्रे
श्री बालाजी लैंडमार्क होटल प्राइवेट लिमिटेड (Marriott Hotel) में जांच के दौरान पनीर, मूंगफली और शक्कर बूरा के तीन सैंपल लिए गए।
निरीक्षण में किचन और आसपास के हिस्से में जलभराव और फिसलन की स्थिति मिली। फर्श पर पर्याप्त एंटी-स्लिप रबर मैट नहीं पाए गए। कुछ चॉपिंग बोर्ड पुराने और अस्वच्छ स्थिति में मिले। कुछ डस्टबिन के पैडल/ऑटोमैटिक ऑपरेशन में भी कमी सामने आई।
स्टोरेज एरिया में रखी कुछ ट्रे में जंग लगी मिली। वहीं किचन की ड्रेनेज व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं पाई गई, जिससे पानी जमा होने की स्थिति बन रही थी। सीलिंग पर कुछ स्थानों पर पानी रिसने के निशान भी मिले।
पेयजल की pesticide testing से जुड़ी रिपोर्ट में भी कमी पाई गई। होटल की उपलब्ध ऑडिट रिपोर्ट FoSCoS पोर्टल पर अपलोड नहीं मिली। कुछ पैकेज्ड फूड सामग्री पर detachable stickers के इस्तेमाल की बात भी निरीक्षण में सामने आई।
The Park Hotel में लाइसेंस और रिकॉर्ड में मिली कमियां
The Park Hotel में भी खाद्य सुरक्षा और किचन व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां मिलीं। दो में से एक रेस्टोरेंट में FSSAI लाइसेंस उचित स्थान पर प्रदर्शित नहीं पाया गया।
किचन प्लेटफॉर्म के एक हिस्से में जंग मिली, जबकि कुछ कुकिंग पॉट्स की सफाई भी पर्याप्त नहीं थी। कुछ दरवाजों में ऑटोमैटिक डोर क्लोजर नहीं मिले। विभाग ने इसे कीटों के प्रवेश की संभावना से जोड़ते हुए सुधार के निर्देश दिए।
Milk products के स्टोरेज एरिया के बाहर तापमान की जानकारी प्रदर्शित नहीं मिली। कुछ खाद्य पदार्थों पर detachable labels पाए गए। Incoming food materials के बिल भी निर्धारित तरीके से मेंटेन नहीं मिले।
इसके अलावा food handlers के मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड में eye test और physical examination से जुड़ी जानकारी भी उचित तरीके से दर्ज नहीं पाई गई।
Radisson Blu में imported food products की लेबलिंग पर सवाल
विजय नगर स्थित Radisson Blu के निरीक्षण में कुछ imported food products के लेबल पर आवश्यक importer details नहीं मिलीं।
लेबल पर importer का नाम, पता और FSSAI licence/registration से संबंधित जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं थी। Kulcha Bread और Shahi Jeera के पैकेट में भी लेबलिंग संबंधी कमियां सामने आईं।
स्टोर एरिया में खाद्य पदार्थों का रखरखाव FIFO/FEFO व्यवस्था के अनुसार व्यवस्थित नहीं मिला। Food handlers के निर्धारित प्रारूप में मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं थे।
Radisson Red में स्टोरेज और लेबलिंग व्यवस्था में कमी
Scheme No. 54 स्थित Radisson Red की जांच में भी packaged food products की लेबलिंग से जुड़ी कमियां मिलीं।
स्टोर एरिया में खाद्य पदार्थों का भंडारण FIFO/FEFO व्यवस्था के अनुरूप व्यवस्थित नहीं पाया गया। Food handlers के मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और रिकॉर्ड भी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध नहीं मिले।
विभाग की टीम ने मौके से दही, काजू टुकड़ी और मूंगफली के नमूने जांच के लिए लिए।
Grand Sheraton में खराब Sunflower Seeds मिले, मौके पर नष्ट
Hotel Grand Sheraton की जांच के दौरान पनीर, Sunflower Seeds और किशमिश के सैंपल लिए गए। निरीक्षण में कुछ Sunflower Seeds खराब स्थिति में मिले। जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग ने इन्हें मौके पर ही नष्ट कराया।
होटल में पेयजल की pesticide testing report भी उपलब्ध नहीं मिली। खाद्य सुरक्षा विभाग ने किचन में non-porous chopping boards इस्तेमाल करने और फर्श पर पर्याप्त anti-slip rubber mats लगाने के निर्देश दिए।
स्थानीय विक्रेताओं से आने वाले कुछ raw materials पर भी detachable stickers का इस्तेमाल पाया गया, जिसे लेकर होटल प्रबंधन को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए।
पांच बड़े होटलों में जांच के बाद उठे सवाल
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से बड़े होटलों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर उठे हैं। निरीक्षण के दौरान जलभराव, जंग लगी स्टोरेज ट्रे, खराब खाद्य सामग्री, मेडिकल रिकॉर्ड की कमियां, लेबलिंग संबंधी खामियां और पेयजल परीक्षण से जुड़े दस्तावेजों का अभाव जैसी स्थितियां सामने आईं।
हालांकि, निरीक्षण में मिली इन कमियों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि संबंधित होटल में परोसा जाने वाला हर खाद्य पदार्थ असुरक्षित था। लिए गए खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला जांच के परिणाम भी महत्वपूर्ण होंगे।
नोटिस के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, जिन प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, स्टोरेज, लेबलिंग या अन्य निर्धारित मानकों में कमियां मिली हैं, उनके खिलाफ नियमों के तहत नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
विभाग ने संकेत दिया है कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। अब यह देखना होगा कि संबंधित होटल प्रबंधन निरीक्षण में सामने आई कमियों को कितनी जल्दी दूर करता है और अगली जांच में व्यवस्थाएं कितनी बेहतर मिलती हैं।
ग्राहकों के लिए भी यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आलीशान होटल की पहचान केवल उसकी लॉबी, कमरे और सुविधाओं से नहीं, बल्कि किचन की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन से भी होती है।