इंदौर। राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले ‘वंदे मातरम्’ को लेकर शुरू हुई सियासत ने अब दिलचस्प मोड़ ले लिया है। कांग्रेस से कार्यक्रम में पूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन कराने की मांग करने वाले संस्था पुरुषार्थ के अध्यक्ष और बीजेपी नेता नानूराम कुमावत खुद सवालों के घेरे में आ गए हैं।
दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने नानूराम कुमावत से राष्ट्रगीत सुनाने को कहा, तो कैमरे के सामने वे कई जगह शब्दों और उच्चारण में चूक गए। वायरल वीडियो में उनके सुर बिगड़ते नजर आ रहे हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

‘सुजलाम्’ की जगह कहा ‘सुबलाम्’
वायरल वीडियो में कुमावत राष्ट्रगीत की शुरुआती पंक्तियां सुनाते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान ‘सुजलाम् सुफलाम्’ के उच्चारण में गलती दिखाई देती है। उनके मुंह से ‘सुबलाम्’ शब्द निकलता है।
इसके अलावा ‘शुभ्रज्योत्स्ना-पुलकितयामिनीम्’ वाली पंक्ति में ‘पुलकितयामिनीम्’ शब्द छूट गया। आगे ‘सुहासिनीम्’ के उच्चारण में भी गलती हुई। राष्ट्रगीत के पूर्ण और शुद्ध सामूहिक गायन की मांग को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाने के बीच सामने आए इस वीडियो ने अब बहस का रुख बदल दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
नानूराम कुमावत का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिस राष्ट्रगीत के पूर्ण और शुद्ध सामूहिक गायन को लेकर राजनीतिक मांग की जा रही है, उसके शब्दों और उच्चारण की जानकारी खुद मांग उठाने वाले को कितनी स्पष्ट है।
हालांकि, वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे राजनीतिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जीतू पटवारी से मांगा था सार्वजनिक जवाब
इससे पहले संस्था पुरुषार्थ के अध्यक्ष नानूराम कुमावत ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखकर ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में पूर्ण ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन की मांग की थी।
उन्होंने सवाल उठाया था कि यदि कांग्रेस इस आयोजन को छात्रों से जुड़ा गैरराजनीतिक कार्यक्रम बता रही है, तो इसकी शुरुआत या समापन राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन से करने में आपत्ति क्यों होनी चाहिए।
संस्था ने चेतावनी भी दी थी कि यदि कार्यक्रम में पूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन नहीं कराया गया तो वह कार्यक्रम के बहिष्कार का कदम उठा सकती है।
अब नानूराम कुमावत का राष्ट्रगीत सुनाते हुए वायरल वीडियो सामने आने के बाद ‘वंदे मातरम्’ को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बहस एक नए विवाद में बदल गई है।