भिलाई। भिलाई नगर पालिक निगम में करीब 12 से ज्यादा डाटा एंट्री ऑपरेटर लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2008 से उनके लिए पद स्वीकृत नहीं होने के कारण वे एक ही पद पर काम कर रहे हैं। स्थिति यह है कि इनमें से कई कर्मचारी निगम के विभिन्न विभागों में राजस्व अधिकारी, योजना अधिकारी, लेखाधिकारी और विधि लिपिक जैसे जिम्मेदार पदों का काम संभाल रहे हैं।
कर्मचारियों का आरोप है कि वर्ष 2026 में प्रस्तावित पुनरीक्षित पदसंरचना में भी डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए पदोन्नति का स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है।

कई कर्मचारी संभाल रहे अधिकारी स्तर का काम
निगम में पदस्थ डाटा एंट्री ऑपरेटरों को अलग-अलग विभागों और जोन में जिम्मेदारियां दी गई हैं। कर्मचारियों के अनुसार, शरद दुबे जोन-2 में सहायक राजस्व अधिकारी का काम देख रहे हैं, जबकि विद्याधर देवांगन योजना विभाग में योजना अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इसी तरह बालकृष्ण नायडू जोन-4 में सहायक राजस्व अधिकारी का कार्य कर रहे हैं। राजसच्चर जीपीएस और ईपीएफ प्रभारी, सुरेश देवांगन जनगणना प्रभारी और प्रकाश गढ़पायले पूर्व में लेखाधिकारी का कार्य संभाल चुके हैं।
वहीं ओंकार यादव विधि लिपिक का काम, शिव देशमुख स्वास्थ्य विभाग में कंप्यूटर संबंधी कार्य और ओमप्रकाश दुबे प्रधानमंत्री आवास योजना में ऑपरेटर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ममता गढ़पल्लीवर जोन-5, कुमुदिनी पांडे राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और चंद्रशेखर तिवारी दुर्ग निर्वाचन कार्यालय में पदस्थ बताए गए हैं।
कर्मचारियों के मुताबिक, इनमें से कई लोग 15 से 17 साल से एक ही पद पर कार्यरत हैं।
डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए पद ही स्वीकृत नहीं
कर्मचारियों की मुख्य समस्या यह है कि निगम में डाटा एंट्री ऑपरेटर का पद पहले से स्वीकृत नहीं था। अब नए सिरे से पद सृजन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
हालांकि, कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए पदोन्नति चैनल तैयार करने के उद्देश्य से सहायक प्रोग्रामर, प्रोग्रामर और सहायक सूचना अधिकारी जैसे पदों को प्रस्तावित सूची में शामिल किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए पदोन्नति का रास्ता स्पष्ट नहीं होता।
पुनरीक्षित पदसंरचना में भी नहीं मिला स्पष्ट प्रावधान
संचालक, संचालनालय के पत्र के आधार पर निगम की पुनरीक्षित पदसंरचना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। निगम आयुक्त की ओर से भेजे गए पत्र में स्वच्छता निरीक्षक के एक, सहायक ग्रेड-3 के एक और सहायक राजस्व निरीक्षक के दो पदों पर पदोन्नति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन होने का उल्लेख किया गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि इस प्रस्ताव में डाटा एंट्री ऑपरेटरों की पदोन्नति को लेकर कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इसी वजह से लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
संघ ने की थी पद शामिल करने की मांग
कर्मचारी संघ की ओर से निगम की सुगम कार्यालयीन व्यवस्था और कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों की पदोन्नति को ध्यान में रखते हुए पुनरीक्षित सेटअप में आवश्यक पदों को शामिल करने का सुझाव दिया गया था।
संघ का आरोप है कि इसके बावजूद निगम प्रशासन ने कंप्यूटर ऑपरेटर और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के पदोन्नति चैनल को प्रस्ताव में पर्याप्त महत्व नहीं दिया।
15-17 साल की सेवा के बाद भी पदोन्नति का इंतजार
डाटा एंट्री ऑपरेटरों का कहना है कि लंबे समय से निगम के अलग-अलग विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उनके कैडर में पदोन्नति का रास्ता नहीं बन पाया है। अब वर्ष 2026 की पुनरीक्षित पदसंरचना से उन्हें उम्मीद थी कि उनकी समस्या का समाधान होगा, लेकिन प्रस्ताव में स्पष्ट प्रावधान नहीं होने से कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है।
अब कर्मचारियों और संघ की नजर निगम की ओर से शासन को भेजे गए पुनरीक्षित पदसंरचना प्रस्ताव और उस पर शासन स्तर से होने वाले निर्णय पर है।