September 21, 2026

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर हाई कोर्ट के निर्देश पर चल रही जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। हाई कोर्ट में पेश की गई जांच आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन सड़कों से लिए गए सैंपल गुणवत्ता के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। वहीं, दो सड़कों की डीपीआर में शामिल पीडब्ल्यूडी की कुछ लैब रिपोर्ट भी जांच के दायरे में आ गई हैं।

इन रिपोर्टों को लेकर संबंधित लैब प्रभारी ने शपथपत्र देकर कहा है कि उनकी लैब ने न तो ये रिपोर्ट तैयार कीं, न जारी कीं और न ही प्रमाणित किया। अब मामले में नगर निगम आयुक्त के शपथपत्र पर हाई कोर्ट में जवाब दाखिल होना है।

तीन सड़कों के सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल

हाई कोर्ट के निर्देश पर 19 अगस्त को जांच आयोग ने ग्वालियर की तीन सड़कों से सैंपल लिए थे। इनमें श्मशान से गुड़ा तिराहा, कस्तूरबा चौक से गुड़ा-गुड़ी का नाका और गुड़ा-गुड़ी का नाका से बेटी बचाओ चौराहा होते हुए हनुमान टॉकीज तक जाने वाली सड़क शामिल थी।

जांच आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, तीनों सड़कों से लिए गए सैंपल गुणवत्ता के मानकों पर विफल पाए गए। खास तौर पर बेटी बचाओ मार्ग की सड़क निर्माण गुणवत्ता को लेकर रिपोर्ट में सवाल उठाए गए हैं।

PWD की लैब रिपोर्ट भी जांच के घेरे में

मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य दो सड़कों की डीपीआर में शामिल पीडब्ल्यूडी की जोनल रिसर्च लैब की कुछ रिपोर्टों को लेकर सामने आया है। जांच आयोग ने इन रिपोर्टों में दर्ज क्रमांकों की तुलना लैब के मूल वर्षवार रजिस्टर से की।

तुलना के दौरान रिपोर्ट में दर्ज क्रमांक मूल रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए। इसके बाद संबंधित लैब प्रभारी ने 29 अगस्त को शपथपत्र दाखिल किया। इसमें उन्होंने कहा कि संबंधित रिपोर्ट उनकी लैब ने न तो तैयार की हैं, न जारी की हैं और न ही प्रमाणित की हैं।

लैब प्रभारी ने यह भी कहा कि ये रिपोर्ट लैब के मूल रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं हैं। इससे अब जांच का दायरा सिर्फ सड़क निर्माण की गुणवत्ता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि डीपीआर में लगाई गई लैब रिपोर्ट की प्रमाणिकता भी जांच का विषय बन गई है।

पुरानी डीपीआर की माप पुस्तिका भी नहीं मिली

जांच के दौरान एक सड़क की पुरानी डीपीआर से संबंधित माप पुस्तिका भी उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आई है। मामले में नगर निगम ने तीन कर्मचारियों को नोटिस जारी किए हैं।

वहीं, संबंधित ठेकेदार को गारंटी अवधि के दौरान सड़क की मरम्मत कराने के लिए नोटिस दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

नगर निगम आयुक्त के शपथपत्र पर देना है जवाब

मामले में हाई कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त के शपथपत्र पर जवाब मांगा है। निगम को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

आज कुलदीप नर्सरी-फूलबाग सड़क के सैंपल पर सुनवाई

ग्वालियर की सड़कों की गुणवत्ता से जुड़े इस मामले की सुनवाई आज भी हाई कोर्ट में होनी है। इसमें कुलदीप नर्सरी से फूलबाग चौराहा तक की सड़क से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट पर सुनवाई होगी।

जांच आयोग की रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता, डीपीआर में शामिल दस्तावेजों और संबंधित निर्माण एजेंसियों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, जिम्मेदारी तय करने और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पक्षों के जवाब और हाई कोर्ट की आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *