भोपाल। राजधानी भोपाल में नगर निगम द्वारा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर की जा रही सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। नए और पुराने शहर के सैकड़ों व्यापारी रोशनपुरा चौराहे पर एकत्र हुए और सड़क पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने चक्काजाम कर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

हाथों में थाली और तख्तियां लेकर जताया विरोध
रोशनपुरा चौराहे पर जवाहर भवन के सामने बड़ी संख्या में व्यापारी सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और थालियां लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।
व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से मास्टर प्लान लंबित होने के कारण शहर के कारोबारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रखने की मांग की।
पुलिस ने की बेरिकेडिंग, भारी बल तैनात
व्यापारियों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। नए शहर की ओर से आने वाले व्यापारियों को रोकने के लिए ‘टॉप एंड टाउन’ से रोशनपुरा तक तीन स्थानों पर बेरिकेडिंग की गई।
पुलिस द्वारा रोके जाने से नाराज व्यापारियों ने ताली और थाली बजाकर विरोध जताया। प्रदर्शन के चलते इलाके में यातायात भी प्रभावित हुआ।
गुजरात मॉडल की तर्ज पर मास्टर प्लान लागू करने की मांग
व्यापारियों ने कहा कि भोपाल का नया मास्टर प्लान लंबे समय से अटका हुआ है। उनका आरोप है कि इसी वजह से व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर बार-बार कार्रवाई की स्थिति बन रही है।
व्यापारियों की मांग है कि जब तक नया मास्टर प्लान लागू नहीं होता, तब तक सीलिंग की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। इसके साथ ही उन्होंने गुजरात मॉडल की तर्ज पर मास्टर प्लान तैयार कर लागू करने की मांग की, ताकि व्यापारियों की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने राज्य सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई से बड़ी संख्या में व्यापारियों के सामने कारोबार और रोजगार से जुड़ी परेशानियां खड़ी हो रही हैं।
व्यापारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर पूरे मामले पर चर्चा करने और राहत देने की मांग की है।