कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बहुचर्चित जमीन सौदे और आपराधिक षड्यंत्र मामले में फरार चल रहीं निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया और उनके कथित सहयोगियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मामले में फरियादी आकाश लोधी की ओर से अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने कटनी जिला न्यायालय में आवेदन पेश कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में फरार आरोपियों को फरार घोषित करने और उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है।

अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज, हाईकोर्ट में भी राहत नहीं
फरियादी पक्ष के अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने न्यायालय को बताया कि आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं कटनी जिला न्यायालय में पहले ही खारिज हो चुकी हैं।
बताया गया कि BA/821/2026, BA/822/2026 और BA/856/2026 में अग्रिम जमानत याचिकाएं निरस्त की जा चुकी हैं। आवेदन के मुताबिक, आरोपी क्षितिज, नेहा पच्चीसिया और मारूफ की ओर से फिलहाल मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में कोई अग्रिम जमानत याचिका लंबित नहीं है।
फरियादी पक्ष का कहना है कि इसके बावजूद आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
SIT की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
आवेदन में कहा गया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
फरियादी पक्ष ने SIT की कार्रवाई का हवाला देते हुए मामले की जांच CBI से कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर किए जाने की भी जानकारी दी है। इसके लिए WP/36337/2026 का उल्लेख आवेदन में किया गया है।
BNSS की धारा 84 से 88 के तहत कार्रवाई की मांग
फरियादी के वकील ने न्यायालय से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 से 88 के तहत उपलब्ध कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल करने की मांग की है।
आवेदन में फरार आरोपियों के खिलाफ इश्तहार जारी कर उन्हें फरार घोषित करने और उनकी संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया गया है।
हालांकि, इन मांगों पर अंतिम कार्रवाई न्यायालय और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगी।
क्या है जमीन सौदे का पूरा मामला?
मामले में 19 अगस्त को भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत और जबलपुर जोन के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद कुठला थाने में FIR दर्ज की गई थी। इसमें धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।
FIR के मुताबिक, निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का कथित दुरुपयोग करते हुए करीब 82 लाख 86 हजार रुपये मूल्य की जमीन को दबाव बनाकर महज 18 लाख 20 हजार रुपये में अपने करीबियों के नाम करा लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 सदस्यीय SIT गठित की गई है, जो पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
फिलहाल नेहा पच्चीसिया और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।