November 5, 2026

शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने पुलिस विभाग में अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। दो दिनों के भीतर संदिग्ध आचरण और कथित लापरवाही के मामलों में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया, जबकि उपनिरीक्षक से लेकर आरक्षक स्तर तक के 29 पुलिसकर्मियों के तबादले कर दिए गए हैं।

तबादला आदेश में संबंधित कर्मचारियों को नई पदस्थापना पर तीन दिन के भीतर ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

वायरल वीडियो और विभागीय रिपोर्ट के बाद दो पुलिसकर्मी निलंबित

पुलिस अधीक्षक ने सोहागपुर थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (ASI) जवाहरलाल राय और प्रधान आरक्षक क्रमांक 185 चेतराम कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों को थाना ब्यौहारी से संबद्ध किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, ASI जवाहरलाल राय के संदिग्ध आचरण से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। इसके आधार पर मामले को गंभीरता से लिया गया।

वहीं, प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक के खिलाफ बुढ़ार थाना प्रभारी की रिपोर्ट में लापरवाही का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वारंटी की तलाश के लिए रवानगी दर्ज कराने के बावजूद तलाश नहीं की गई। इसके अलावा विवेचना से संबंधित जरूरी रिपोर्ट दर्ज नहीं करने की बात भी सामने आई है। चेतराम कौशिक के संदिग्ध आचरण से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था।

उपनिरीक्षक से आरक्षक तक 29 पुलिसकर्मियों के तबादले

दो पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद पुलिस अधीक्षक ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 29 पुलिसकर्मियों के अस्थायी तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस सूची में उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक शामिल हैं।

आदेश के तहत उपनिरीक्षक मोतीलाल सोनवानी को कोतवाली से देवलोंद स्थानांतरित किया गया है। प्रधान आरक्षक स्तर के कई कर्मचारियों को ब्यौहारी, सोहागपुर, अमलाई और जयसिंहनगर समेत विभिन्न थानों में पदस्थ किया गया है।

आरक्षक स्तर पर भी थाना और यातायात व्यवस्था की जरूरतों के अनुसार बदलाव किए गए हैं। इन तबादलों का उद्देश्य पुलिसकर्मियों की तैनाती में प्रशासनिक जरूरतों के मुताबिक बदलाव करना है।

तीन दिन के भीतर नई जगह ज्वाइन करना अनिवार्य

पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारियों और रक्षित निरीक्षक को निर्देश दिए हैं कि स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तीन दिन के भीतर वर्तमान पदस्थापना से कार्यमुक्त कर नई जगह रवाना किया जाए।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में नई पदस्थापना पर ज्वाइन नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस विभाग में अनुशासन पर जोर

शहडोल पुलिस में लगातार दो दिनों के भीतर हुई इन कार्रवाइयों को अनुशासन, जवाबदेही और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर संदिग्ध आचरण और कथित लापरवाही के मामलों में कार्रवाई हुई है, तो दूसरी ओर विभिन्न थानों में कर्मचारियों की तैनाती में बदलाव किया गया है।

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