November 4, 2026

पांढुर्णा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4 अक्टूबर को प्रदेश के 55वें जिले पांढुर्णा का दौरा कर कम वर्षा से उत्पन्न स्थिति की जमीनी स्तर पर समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक कर बारिश, जल उपलब्धता और किसानों के सामने आने वाली संभावित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और राहत कार्यों में तत्परता बरतने के निर्देश दिए।

रोजगार और विकास के लिए धन की कमी नहीं होगी: मुख्यमंत्री

बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2023 में पांढुर्णा को जिला बनाए जाने के बाद से ही राज्य सरकार यहां बुनियादी सुविधाओं के विकास, जिला कार्यालयों के निर्माण और आवश्यक पदों की स्वीकृति के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा रही है।

कम वर्षा की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कलेक्टर और कमिश्नर को तत्काल विस्तृत आकलन तैयार करने तथा जरूरत के अनुसार राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता को रोजगार उपलब्ध कराने और क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए सरकार धन की कमी नहीं होने देगी।

पांढुर्णा में फूड इंडस्ट्री और मिल्क प्रोसेसिंग को मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पांढुर्णा और आसपास के क्षेत्रों में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ फूड इंडस्ट्री, मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट्स और सहकारी दुग्ध समितियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना, कृषि आधारित उद्योगों को मजबूत करना और किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध कराना है।

मध्य प्रदेश को देश का नंबर-1 दुग्ध उत्पादक राज्य बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश वर्तमान में देश में दुग्ध उत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर है। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश को देश का नंबर-1 दुग्ध उत्पादक राज्य बनाना है।

इसके लिए पशुपालन, दुग्ध प्रसंस्करण और सहकारी दुग्ध समितियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इन क्षेत्रों में निवेश और रोजगारपरक पहलों से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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