‘मिनी वॉटरफॉल’ मृगन्नाथ में उमड़ा जनसैलाब, उफनते झरने के बीच सुरक्षा व्यवस्था नदारद
तेज बारिश से पूरे शबाब पर झरना, खतरनाक जगहों पर पहुंचकर जान जोखिम में डाल रहे पर्यटक
क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद हैदरगढ़ के पास स्थित प्रसिद्ध ‘मिनी वॉटरफॉल’ मृगन्नाथ इन दिनों पूरे शबाब पर है। झरने में पानी का बहाव बढ़ने के साथ यहां प्राकृतिक सौंदर्य देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। हालांकि, पर्यटकों की बढ़ती भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

तेज बहाव के बीच झरने में उतर रहे पर्यटक
बारिश के कारण मृगन्नाथ झरने में पानी का जलस्तर और बहाव काफी तेज हो गया है। इसके बावजूद कई पर्यटक पानी के बेहद करीब पहुंच रहे हैं और उफनते झरने में उतरकर नहाते नजर आ रहे हैं। युवक और बच्चे खतरनाक चट्टानों पर चढ़कर तस्वीरें और रील्स बनाते हुए भी दिखाई दे रहे हैं।
तेज जलप्रवाह और फिसलन भरी चट्टानों के बीच इस तरह की लापरवाही कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बड़ी संख्या में पर्यटकों की मौजूदगी के बावजूद मौके पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। खतरनाक स्थानों पर पर्यटकों को जाने से रोकने के लिए न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग दिखाई दे रही है और न ही चेतावनी संबंधी साइनबोर्ड लगाए गए हैं।
इसके अलावा मौके पर पुलिसकर्मियों या सुरक्षा गार्डों की नियमित तैनाती नहीं होने से पर्यटक जोखिम वाले स्थानों तक पहुंच रहे हैं।
हादसे के बाद जागेगा प्रशासन?
मानसून के दौरान मृगन्नाथ जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
पर्यटकों की लापरवाही के साथ-साथ सुरक्षा इंतजामों की कमी को देखते हुए स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से तत्काल बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की मांग की है, ताकि किसी संभावित हादसे को समय रहते रोका जा सके।
अब सवाल यह है कि प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था के लिए पहले से कदम उठाएगा या किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही कार्रवाई होगी।