November 6, 2026

कोरबा। जिले में मोंट्रा इलेक्ट्रिक ऑटो की एजेंसी और सर्विस सेंटर बंद होने की खबर से 100 से अधिक उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। इलेक्ट्रिक ऑटो चालकों ने कलेक्टर से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। चालकों का कहना है कि उन्होंने कंपनी के अधिकृत डीलर से वाहन खरीदे थे और अब डीलरशिप बंद होने की स्थिति में सर्विस, वारंटी और स्पेयर पार्ट्स को लेकर चिंता बढ़ गई है।

उपभोक्ताओं के मुताबिक, कोरबा में कंपनी की डीलरशिप और सर्विस सेंटर बंद कर कारोबार समेटने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में वाहन खराब होने या नियमित सर्विस की जरूरत पड़ने पर चालकों को दूसरे जिले का रुख करना पड़ सकता है।

सर्विस और वारंटी को लेकर बढ़ी चिंता

इलेक्ट्रिक ऑटो चालकों का कहना है कि वाहन खरीदते समय उन्हें कंपनी की ओर से सर्विस और वारंटी-गारंटी का भरोसा दिया गया था। अब एजेंसी बंद होने की स्थिति में बैटरी, मोटर, कंट्रोलर और चार्जर जैसी महत्वपूर्ण इलेक्ट्रिक यूनिट्स की सर्विस या रिप्लेसमेंट को लेकर असमंजस की स्थिति है।

चालकों के अनुसार, यदि स्थानीय स्तर पर सर्विस सुविधा उपलब्ध नहीं रही तो दूसरे जिले में वाहन ले जाने पर अतिरिक्त खर्च और समय दोनों लगेंगे। इससे रोजाना ऑटो चलाकर परिवार का खर्च उठाने वाले चालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।

ऑटो संघ ने बताई रोजगार की चिंता

ऑटो संघ के कोषाध्यक्ष श्यामदास गुरुजी ने कहा कि एजेंसी बंद होने से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक ऑटो चालकों के सामने रोजगार और वाहन संचालन से जुड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।

उन्होंने बताया कि वाहन बेचते समय बैटरी, मोटर, कंट्रोलर और चार्जर जैसे प्रमुख हिस्सों के रिप्लेसमेंट एवं सर्विस को लेकर भरोसा दिया गया था। अब एजेंसी बंद होने की स्थिति में इन सुविधाओं को लेकर चालकों की चिंता बढ़ गई है।

जिले में डेढ़ सौ से ज्यादा इलेक्ट्रिक ऑटो बिकने का दावा

जिला ऑटो संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजेश सिंह ठाकुर ने दावा किया कि जिले में डेढ़ सौ से अधिक इलेक्ट्रिक ऑटो बिक चुके हैं। उनके मुताबिक, रॉयल मोटर एजेंसी बंद होकर बिलासपुर शिफ्ट होने की तैयारी में है।

उन्होंने आरोप लगाया कि वारंटी के तहत काम कराने के लिए पहुंचने वाले चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चालकों का कहना है कि एजेंसी बंद होने के बाद वारंटी संबंधी सेवाओं को लेकर स्पष्ट व्यवस्था नहीं है।

कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन

मामले को लेकर इलेक्ट्रिक ऑटो चालक एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। डिप्टी कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रिक ऑटो चालक एसोसिएशन की ओर से एजेंसी बंद होने के संबंध में ज्ञापन दिया गया है।

अब उपभोक्ताओं की मांग है कि एजेंसी बंद होने की स्थिति में उनकी वारंटी, सर्विस, बैटरी और स्पेयर पार्ट्स से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए कंपनी की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अपने वाहन दूसरे जिलों में ले जाने के लिए मजबूर न होना पड़े।

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