मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण हादसे के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया घायलों का हाल जानने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। सिंधिया ने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और अस्पताल प्रबंधन को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के अनुरूप बेहतर इलाज उपलब्ध कराने को कहा।

इस दौरान ट्रॉमा सेंटर के बाहर उनके आगमन से पहले ग्रीन कार्पेट बिछाए जाने पर सिंधिया ने नाराजगी जताई। उन्होंने इसे गलत बताते हुए सवाल किया कि उनके लिए ग्रीन कार्पेट बिछाने की क्या जरूरत थी।
ग्रीन कार्पेट देख सिंधिया ने जताई नाराजगी
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से पहले मुख्य गेट के बाहर ग्रीन कार्पेट बिछाया गया था। इसे लेकर पहले ही विवाद हो चुका है। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि यह व्यवस्था सिंधिया के दौरे को ध्यान में रखकर की गई।
अस्पताल पहुंचने पर सिंधिया ने भी ग्रीन कार्पेट बिछाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “ये गलत है, मैं ग्वालियर का हूं। ग्वालियर मेरा है। मेरे लिए काहे का ग्रीन कार्पेट, ये क्या तमाशा है?”
सिंधिया की इस प्रतिक्रिया के बाद ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं और वीआईपी दौरे की तैयारियों को लेकर उठा विवाद फिर चर्चा में आ गया।
घायलों का जाना हाल, बेहतर इलाज के दिए निर्देश
ट्रॉमा सेंटर में केंद्रीय मंत्री ने हादसे में घायल श्रद्धालुओं का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से घायलों को उपलब्ध कराए जा रहे उपचार की जानकारी ली और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के अनुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा।
शीतला माता मंदिर के पास हुए हादसे में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है। ऐसे में घायलों के उपचार और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पर जिम्मेदारी बढ़ गई है।
मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, जांच के आधार पर तय होगी आगे की कार्रवाई
सिंधिया ने बताया कि हादसे के मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। हादसे के कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े सवालों पर अब जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।