November 6, 2026

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने चुनाव आयोग तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयानों पर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जताकर जनता के बीच भ्रम पैदा कर रही है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से अपने बयानों के लिए माफी मांगने और नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा देने की मांग की।

27 सितंबर को भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राहुल गांधी की भी लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जिम्मेदारी है। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर SIR को लेकर राजनीति करने और चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर अनावश्यक सवाल उठाने का आरोप लगाया।

संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को लेकर राहुल गांधी पर निशाना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी और कांग्रेस के बयानों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें अपनी राजनीतिक हार और चुनावी परिणामों पर आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज पर लगातार सवाल उठाती रही है।

मुख्यमंत्री ने बोफोर्स मामले में अदालत के फैसले, बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक और सेना के शौर्य पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब राहुल गांधी चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों की कार्यशैली पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम पैदा कर रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा कि राहुल गांधी को अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण पेश करने चाहिए।

कांग्रेस को आत्मचिंतन करने की सलाह

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और संसद जैसे लोकतांत्रिक संस्थानों के प्रति जनप्रतिनिधियों का आचरण मर्यादित होना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से अपने बयानों के लिए देश की जनता से माफी मांगने की मांग की।

डॉ. यादव ने SIR को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस को सत्ता मिली है, वहां पार्टी इस प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाती, जबकि चुनावी हार के बाद चुनाव आयोग और SIR पर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस को विभिन्न राज्यों में अपने राजनीतिक प्रदर्शन की समीक्षा करने की सलाह भी दी।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के साथ भी उचित व्यवहार नहीं कर रही है। उनके मुताबिक, पार्टी को अपनी रणनीति और नेतृत्व पर विचार करना चाहिए।

SIR को लेकर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को नकारा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस SIR को लेकर चुनाव आयोग पर आरोप लगाकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग ने SIR की प्रक्रिया और फॉर्म-6 से संबंधित सवालों पर स्पष्टीकरण दिया है।

खंडेलवाल के अनुसार, चुनाव आयोग को SIR कराने का अधिकार है और सामान्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आरोपों के समर्थन में ठोस दस्तावेज सामने नहीं आए हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं, न्यायपालिका, सेना और EVM को लेकर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस से अपने नेतृत्व और राजनीतिक रणनीति की समीक्षा करने की अपील की।

गौरतलब है कि SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस तथा भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के दावों और आपत्तियों का स्वतंत्र तथ्यों तथा संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर आकलन किया जाना जरूरी है।

उज्जैन का विकास और सिंहस्थ-2028 की तैयारियां

राजनीतिक मुद्दों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है। राज्य सरकार के अनुसार, वर्ष 2023 में मध्यप्रदेश में 11 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शहर के कई निवासी विकास कार्यों में सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं और कुछ लोग अपने मकान या दुकानों को स्वेच्छा से पीछे करने तथा आवश्यक जगह उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं।

डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन का विकास केवल भवनों और जमीन तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाना, शहर को बेहतर बनाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करना है। उन्होंने विरासत के संरक्षण के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

भाजपा ने कांग्रेस से नेतृत्व बदलने की मांग की

हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस को चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय अपनी राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन के पीछे पार्टी के नेतृत्व और रणनीति की भूमिका है।

वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चुनाव में अंतिम निर्णय जनता का होता है और राजनीतिक दलों को जनादेश स्वीकार कर आगे की तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से चुनाव आयोग पर आरोप लगाने के बजाय अपनी नीतियों और नेतृत्व पर आत्मचिंतन करने की अपील की।

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