November 8, 2026

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में साइबर ठगी से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक निजी स्कूल संचालन समिति के अध्यक्ष का मोबाइल फोन गुम होने के बाद उससे जुड़े बैंक खाते के जरिए 1.12 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया। गुम हुए सिम को दोबारा जारी कराने के बाद ईमेल चेक करने पर अध्यक्ष को इस ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

कोलकाता में गुम हुआ था मोबाइल

जानकारी के अनुसार, राजकिशोर नगर निवासी प्रयास पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष डॉ. सचिन यादव 10 अगस्त को कोलकाता गए थे। वहां उनका जियो सिम लगा मोबाइल फोन गुम हो गया। उन्होंने तत्काल सिम बंद कराने की कोशिश की, लेकिन आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

करीब छह दिन बाद उन्होंने अपना पुराना मोबाइल नंबर दोबारा जारी कराया। इसके अगले दिन ईमेल चेक करने पर उन्हें स्कूल के बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर के माध्यम से हुए संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली।

पहले 800 रुपये का ट्रायल, फिर 1.12 करोड़ का लेन-देन

शिकायत के मुताबिक, साइबर ठगों ने 14 अगस्त को पहले 800 रुपये का ट्रायल ट्रांजेक्शन किया। इसके बाद एक ही दिन में करीब 1.12 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया। बताया गया है कि इस रकम को 100 से अधिक बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।

इस घटना की जानकारी मिलते ही डॉ. सचिन यादव ने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।

स्कूल के खाते में थे सिर्फ 181 रुपये

मामले में हैरानी की बात यह है कि स्कूल के बैंक खाते में ठगी से पहले केवल 181 रुपये ही मौजूद थे। डॉ. सचिन यादव के अनुसार, संदिग्ध लेन-देन के बाद खाते में महज 29 रुपये बचे थे।

जानकारों के मुताबिक, आशंका है कि साइबर ठगों ने स्कूल के खाते का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के तौर पर किया। ऐसे खातों के जरिए ठगी की रकम को दूसरे बैंक खातों में भेजकर लेन-देन की कड़ियां छिपाने की कोशिश की जाती है।

बिलासपुर में जीरो पर अपराध दर्ज, केस डायरी कोलकाता भेजी

मामले में बिलासपुर पुलिस ने जीरो पर अपराध दर्ज किया है। इसके बाद केस डायरी कोलकाता के न्यू मार्केट थाने भेज दी गई है। मामले में आगे की जांच संबंधित पुलिस के स्तर पर की जाएगी।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *