
रक्षाबंधन के मौके पर जहां लोग त्योहार की खुशियां मना रहे थे, वहीं शहडोल के आखेटपुर डाला टोला की महिलाओं ने बदहाल सड़क के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कीचड़ से भरी सड़क पर धान का रोपा लगाकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान अपनी समस्या की ओर खींचा।
ब्यौहारी जनपद पंचायत के आखेटपुर डाला टोला के वार्ड नंबर-1 की यह सड़क बारिश के दिनों में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक करीब 400 घरों के लोगों का आवागमन इसी रास्ते से होता है। पानी और कीचड़ जमा होने के कारण पैदल चलना और दोपहिया वाहनों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
महिलाओं ने सड़क पर धान रोपते हुए स्थानीय लोकगीत गाए और प्रशासन से जल्द पक्की सड़क बनाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि उसमें धान की खेती की जा सकती है, लेकिन आने-जाने के लिए पक्की सड़क नहीं बनाई जा रही।
स्कूल जाने से भी वंचित हो रहे बच्चे
ग्रामीणों ने बताया कि खराब सड़क का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बारिश के दौरान कीचड़ और पानी के कारण कई बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों का आरोप है कि कभी सड़क निर्माण में वन विभाग की जमीन का मामला बताया जाता है तो कभी राजस्व भूमि का हवाला देकर जिम्मेदारी टाल दी जाती है। उनका कहना है कि जमीन किस विभाग की है, यह प्रशासन तय करे, लेकिन विभागों की खींचतान का खामियाजा ग्रामीणों को नहीं भुगतना चाहिए।
प्रशासनिक शिविर से एक दिन पहले प्रदर्शन
खास बात यह है कि शनिवार को आखेटपुर में प्रशासनिक शिविर आयोजित होना है। शिविर से ठीक एक दिन पहले महिलाओं का यह प्रदर्शन प्रशासन के सामने सड़क की समस्या को प्रमुखता से लेकर आया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि शिविर में उनकी समस्या का समाधान निकालने के लिए ठोस पहल होगी।