खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन-बड़वानी से भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल के जनसंख्या को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सांसद ने हिंदू समाज की कथित घटती जन्मदर पर चिंता जताते हुए युवाओं से समय पर शादी करने और पांच-पांच बच्चे पैदा करने की अपील की। उन्होंने ‘हम दो, हमारे पांच’ का नारा देते हुए हिंदुओं से एकजुट रहने की बात कही। साथ ही, उन्होंने बदलती जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) और धर्मांतरण के मुद्दे को गंभीरता से समझने की जरूरत बताई।

मंदिर परिसर में बैठक के दौरान दिया बयान
सांसद गजेंद्र पटेल ने कालिका मंदिर समिति से जुड़ी बैठक में हिंदू युवाओं से शादी करने और अधिक बच्चे पैदा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पहले युवाओं की शादी 20 से 22 वर्ष की उम्र में हो जाती थी, जबकि अब कई लोग 30 से 35 वर्ष की उम्र तक शादी नहीं कर रहे हैं।
पटेल ने अपने संबोधन में जन्मदर के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि हिंदू समाज की जन्मदर 1.9 है, जबकि दूसरे समाज की जन्मदर 2.9 है। उन्होंने कहा कि इस अंतर के कारण जनसंख्या वृद्धि के रुझान में बदलाव आ रहा है। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए आंकड़ों के स्रोत और उनकी संदर्भ अवधि की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
सांसद ने कहा कि हिंदू युवाओं को समय पर विवाह करने और परिवार बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने व्यायामशालाओं और अखाड़ों को प्रोत्साहित करने की जरूरत भी बताई।
‘जनसंख्या में बदलाव को गंभीरता से समझना होगा’
गजेंद्र पटेल ने कहा कि हिंदू समाज में देर से शादी करने, एक ही बच्चा पैदा करने या बच्चे नहीं करने जैसे रुझानों पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने धर्मांतरण को भी जनसांख्यिकी में बदलाव का एक कारण बताया।
सांसद ने कहा कि बदलती जनसंख्या संरचना को गंभीरता से समझना चाहिए और हिंदू समाज को एकजुट रहना चाहिए। उनके बयान में जनसंख्या वृद्धि के अंतर को लेकर चिंता जताई गई, हालांकि इस संबंध में दिए गए आंकड़ों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र स्रोत आवश्यक हैं।
‘शास्त्र के ज्ञान के साथ शस्त्र उठाना भी सीखें’
अपने संबोधन में सांसद ने सनातन संस्कृति में देवी-देवताओं के हाथों में शस्त्र होने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को शास्त्रों के ज्ञान के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर शस्त्र उठाना भी आना चाहिए।
पटेल ने कहा, “मैं सांसद बाद में हूं, आपका भाई पहले हूं। मैं चाहता हूं कि आप सब लोग माता की भक्ति के साथ-साथ अपने परिवार और मोहल्ले की शक्ति को भी एकत्रित करें। हम ही अपने परिवार और अपने मोहल्ले के रक्षक हैं।”
कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया समाज को बांटने का आरोप
सांसद के बयान पर कांग्रेस ने भाजपा की आलोचना की। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह के बयान हिंदू-मुस्लिम समाज के बीच विभाजन बढ़ाते हैं और भाईचारे को नुकसान पहुंचाते हैं। पार्टी ने कहा कि भाजपा गलत आंकड़ों के जरिए सामाजिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के पास विकास के मुद्दों के बजाय समाज को बांटने वाला एजेंडा है। ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
भाजपा ने बयान का किया बचाव
भाजपा की ओर से सांसद के बयान का बचाव करते हुए कांग्रेस की आलोचना की गई। भाजपा पक्ष का कहना है कि कांग्रेस बयान को विवादित बताकर पेश कर रही है और जनसंख्या से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग समुदायों के बीच चर्चा की जरूरत को नजरअंदाज कर रही है।
इस बयान के बाद जनसंख्या, जन्मदर और धर्मांतरण को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सांसद के दावों और उनके द्वारा उद्धृत जन्मदर के आंकड़ों का आकलन आधिकारिक तथा स्वतंत्र आंकड़ों के आधार पर किया जाना जरूरी है।