मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन के प्रशासनिक संकुल भवन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधाओं, आवागमन, एयरपोर्ट से जुड़ी व्यवस्थाओं और शहर में चल रहे निर्माण कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की बेहतर योजना बनाकर उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए।

सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं को आवागमन, ठहरने और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के दौरान परेशानी न हो, इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि सिंहस्थ के लिए होने वाले विकास कार्य ऐसे हों, जिनका लाभ आयोजन के बाद भी उज्जैन के नागरिकों और यहां आने वाले पर्यटकों को मिलता रहे।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियां केवल उज्जैन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संभाग और प्रदेश स्तर पर भी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। सभी विभाग भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं पर काम करें और उनकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें।
महाकाल महालोक के बाद धार्मिक पर्यटन में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में महाकाल महालोक के लोकार्पण के बाद उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिली है। उन्होंने धार्मिक पर्यटन में लगभग 16 गुना वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के अनुरूप सुविधाओं का विस्तार करना जरूरी है।
बैठक में शैक्षणिक संस्थानों, आवागमन की सुविधाओं, एयरपोर्ट और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में बढ़ने वाली जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जाएं और आवश्यक कार्यों को समय पर मंजूरी दिलाकर पूरा कराया जाए।
दशहरे पर प्रदेशभर में होंगे शस्त्र-पूजन कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवरात्रि की नवमी और विजयादशमी की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इस पर्व में समाज के साथ सरकार की भी सहभागिता होनी चाहिए।
इसी उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न स्थानों और पुलिस लाइनों में शस्त्र-पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य अलग-अलग स्थानों पर इन आयोजनों में शामिल होंगे।
स्वच्छता, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान के आह्वान को प्रदेश में गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने, बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में किसी तरह की लापरवाही न हो। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें, ताकि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उज्जैन में किए जा रहे विकास कार्यों का लाभ लंबे समय तक बना रहे।