इंदौर। होलकर साइंस कॉलेज में विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजपूत करणी सेना छात्र संगठन की होलकर इकाई ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने अपनी चार प्रमुख मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। संगठन का स्पष्ट कहना है कि जब तक सभी मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उनका निराकरण नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

संगठन की मांगों में गणेश विसर्जन के दौरान हुए विवाद में निलंबित विद्यार्थियों की बहाली, इकाई अध्यक्ष विकेंद्र सिंह की टीसी वापस लेना, इंटर्नशिप और फीस से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई का ब्योरा सार्वजनिक करना और कॉलेज का पिछला गेट खोलना शामिल है।
पहली मांग: निलंबित विद्यार्थियों की बहाली
करणी सेना छात्र संगठन की पहली मांग गणेश विसर्जन के दौरान हुए विवाद में निलंबित विद्यार्थियों से जुड़ी है। संगठन का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने इस मामले में कुछ विद्यार्थियों को निलंबित किया है। संगठन चाहता है कि संबंधित विद्यार्थियों का निलंबन तत्काल निरस्त कर उन्हें दोबारा पढ़ाई जारी रखने का अवसर दिया जाए।
संगठन ने कॉलेज प्रशासन की ओर से जारी नोटिस की तारीख पर भी सवाल उठाए हैं। उसका दावा है कि संबंधित नोटिस घटना से एक दिन पहले ही तैयार कर लिया गया था। संगठन ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, नोटिस की तारीख और पूरे घटनाक्रम को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में कॉलेज प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दूसरी मांग: अध्यक्ष विकेंद्र सिंह की टीसी वापस ली जाए
संगठन की दूसरी प्रमुख मांग होलकर इकाई के अध्यक्ष विकेंद्र सिंह की टीसी से संबंधित कार्रवाई को लेकर है। छात्र संगठन ने मांग की है कि उनकी टीसी वापस ली जाए और कॉलेज प्रशासन इस फैसले पर दोबारा विचार करे।
संगठन का कहना है कि विद्यार्थियों के खिलाफ किसी भी तरह की प्रशासनिक कार्रवाई निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। ऐसे फैसलों का असर छात्र की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ सकता है, इसलिए संबंधित नियमों और तथ्यों की समीक्षा जरूरी है।
तीसरी मांग: इंटर्नशिप और फीस की शिकायतों पर कार्रवाई का ब्योरा सार्वजनिक हो
करणी सेना छात्र संगठन ने कॉलेज में इंटर्नशिप और फीस से जुड़ी शिकायतों को भी आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है। संगठन की मांग है कि इन मामलों में अब तक प्राप्त शिकायतों और ज्ञापनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
संगठन का कहना है कि यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आई है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। विद्यार्थियों की शिकायतों को लंबित रखने के बजाय उनका समयबद्ध निराकरण किया जाना चाहिए।
इस मांग के जरिए संगठन ने कॉलेज प्रशासन से जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की है।
चौथी मांग: विद्यार्थियों की सुविधा के लिए खोला जाए पिछला गेट
आंदोलन की चौथी मांग कॉलेज के पिछले गेट को दोबारा खोलने से जुड़ी है। संगठन के मुताबिक, कॉलेज के पिछले गेट के आसपास कई छात्रावास स्थित हैं। गेट बंद होने के कारण विद्यार्थियों को कॉलेज आने-जाने में परेशानी होती है।
छात्र संगठन का कहना है कि विद्यार्थियों की सुविधा और आवागमन की समस्या को ध्यान में रखते हुए पिछला गेट तत्काल खोला जाना चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
चारों मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
राजपूत करणी सेना छात्र संगठन की होलकर इकाई ने स्पष्ट किया है कि उसकी सभी चार मांगें विद्यार्थियों के हितों से जुड़ी हैं। संगठन के मुताबिक, केवल किसी एक मांग पर आश्वासन मिलने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। कॉलेज प्रशासन को चारों मुद्दों पर ठोस निर्णय लेना होगा।
संगठन का दावा है कि आंदोलन विद्यार्थियों के अधिकारों, सम्मान और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जा रहा है।
कॉलेज प्रशासन के रुख पर टिकी नजर
होलकर साइंस कॉलेज में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू होने के बाद अब कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। निलंबित विद्यार्थियों के मामले की समीक्षा, विकेंद्र सिंह की टीसी संबंधी कार्रवाई, इंटर्नशिप और फीस की शिकायतों पर जानकारी तथा पिछले गेट को खोलने जैसे मुद्दों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है, यह देखना अहम होगा।
फिलहाल संगठन ने चारों मांगों के निराकरण तक भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है।