November 7, 2026

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के राजकुमारी इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में गुरुवार को छात्रों ने 18 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने ‘कुलपति हटाओ, विश्वविद्यालय बचाओ’ के नारे लगाए और विश्वविद्यालय में कथित प्रशासनिक व शैक्षणिक अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। छात्रों ने कुलपति डॉ. लवली शर्मा के वर्तमान और पूर्व कार्यकाल से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने तथा अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की।

छात्रों ने 8 अक्टूबर 2026 को सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षकों की कमी, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति, भर्ती प्रक्रिया, शोध निर्देशन, परीक्षा परिणाम, अंकसूची में त्रुटियों, शुल्क व्यवस्था और विद्यार्थियों को आवश्यक वाद्ययंत्र उपलब्ध नहीं होने सहित कई मुद्दे उठाए। वहीं, कुलपति ने प्रदर्शन को कुछ शिक्षकों के स्वार्थ से जुड़ा बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों की जायज जरूरतें उनकी प्राथमिकता हैं।

18 सूत्रीय मांगों के साथ छात्रों ने उठाए कई सवाल

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक और शैक्षणिक मामलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन उनका संतोषजनक समाधान नहीं हुआ। छात्रों ने कहा कि यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा है।

छात्रों ने मांग की कि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक कामकाज की जांच शासन स्तर पर स्वतंत्र समिति से कराई जाए। उन्होंने कुलपति के वर्तमान और पूर्व कार्यकाल से संबंधित विवादों, नियुक्तियों, वित्तीय निर्णयों और शोध प्रक्रियाओं के दस्तावेजों की भी जांच कराने की मांग की।

शिक्षकों की कमी और नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल

छात्रों ने संगीत संकाय के विभिन्न विभागों में स्वीकृत और रिक्त पदों की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की। ज्ञापन में गायन, तबला और तंत्री विभाग में शिक्षकों की उपलब्धता तथा विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात की जानकारी देने की बात कही गई है।

इसके अलावा, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में कथित देरी और अनियमितता की जांच कर आवश्यकतानुसार समय पर नियुक्तियां करने की मांग की गई। छात्रों ने हाल में हुई डीन की नियुक्ति में शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और निर्धारित नियमों के पालन की भी जांच कराने को कहा।

तबला, सितार और म्यूजिकोलॉजी में सहायक अध्यापक भर्ती तथा कथक विभाग में बाहरी विषय विशेषज्ञों की पात्रता को लेकर भी छात्रों ने सवाल उठाए। उनका आरोप है कि शिक्षकों की कमी के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया और शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

अंकसूची, छात्रवृत्ति और शुल्क व्यवस्था का मुद्दा

छात्रों ने अंकसूची में नाम, विशेषकर अंग्रेजी में दर्ज नामों की वर्तनी और अन्य शैक्षणिक विवरणों में कथित त्रुटियों को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि ऐसी गलतियों के कारण उच्च शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और दस्तावेज सत्यापन में परेशानी हो सकती है।

ज्ञापन में परिणाम और अंकसूची समय पर जारी करने, त्रुटियों में सुधार की व्यवस्था बनाने तथा नामांकन और परीक्षा से जुड़े शुल्कों की प्रक्रिया पारदर्शी करने की मांग की गई है। छात्रों ने आरोप लगाया कि शुल्क संबंधी दिक्कतों के कारण कुछ विद्यार्थी जरूरी शैक्षणिक प्रक्रियाएं और छात्रवृत्ति के लिए आवेदन समय पर नहीं कर पाते।

छात्रों ने वैध पहचान-पत्र समय पर जारी करने, पाठ्यक्रमों की समय-सारणी में टकराव दूर करने और प्रवेश प्रक्रिया को अधिक से अधिक ऑनलाइन करने की मांग भी रखी।

वाद्ययंत्र और रियाज की सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायत

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि उन्हें नियमित रियाज के लिए जरूरी वाद्ययंत्र और उपकरण उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। उनका दावा है कि कई बार विद्यार्थियों को अपने घर से ही वाद्ययंत्र और अन्य जरूरी सामग्री लानी पड़ती है।

छात्रों ने पर्याप्त कक्ष, माइक्रोफोन, ध्वनि व्यवस्था और मंचीय प्रस्तुतियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने प्रायोगिक परीक्षाओं में निर्धारित समय का पालन करने, परीक्षा कार्यक्रम को विद्यार्थियों के अनुकूल बनाने और विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात भी कही।

भरतनाट्यम विभाग की समस्याएं भी ज्ञापन में शामिल

ज्ञापन में भरतनाट्यम विभाग से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है। छात्रों ने नियमित शिक्षकों की कमी, मृदंगम शिक्षक की लंबे समय से अनुपलब्धता और सेवानिवृत्त वोकल शिक्षक के स्थान पर नियमित नियुक्ति नहीं होने का मुद्दा उठाया।

इसके अलावा, गायन और मृदंगम की संगत, युवा महोत्सव व राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों के लिए प्रशिक्षण, प्रायोगिक परीक्षाओं और मंचीय प्रस्तुतियों के लिए पर्याप्त स्थान तथा आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की गई।

वर्ष 2018 के विवाद और पूर्व कार्यकाल के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कुलपति के पूर्व कार्यकाल से जुड़े वर्ष 2018 के विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने उस समय की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और वर्ष 2025 में कुलपति की नियुक्ति के समय सामने आए विरोध के कारणों व संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कराने की मांग की।

छात्रों ने कहा कि शासन को स्वतंत्र जांच समिति गठित कर वर्तमान और पूर्व कार्यकाल से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा करानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाए। ज्ञापन में जांच पूरी होने तक शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा और विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए अंतरिम व्यवस्था करने का अनुरोध भी किया गया है।

कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने क्या कहा?

कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत में कहा कि उनके अनुसार यह कोई धरना-प्रदर्शन नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शिक्षकों का स्वार्थ पूरा नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने कुछ विद्यार्थियों को उकसाया।

डॉ. शर्मा ने कहा, “मैं हमेशा कहती हूं कि विद्यार्थियों से ही विश्वविद्यालय है और उनकी जायज जरूरतें मेरी प्राथमिकता हैं।”

उन्होंने बताया कि उन्हें 40 से 45 विद्यार्थियों की अंकसूची नहीं होने के कारण छात्रवृत्ति रुकने की जानकारी मिली थी। उनके मुताबिक, सूची मिलने के बाद रात में ही इस पर काम कराया गया और सुबह विद्यार्थियों तक अंकसूचियां पहुंचा दी गईं।

कुलपति ने कहा कि वह विद्यार्थियों के प्रति समर्पित हैं और उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान देंगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो मांगें उचित हैं और जिन पर कार्रवाई संभव है, उन्हें पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

स्वतंत्र जांच और कार्रवाई की मांग

छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में पारदर्शी और नियमसम्मत प्रशासन सुनिश्चित करना है। उन्होंने शासन से निष्पक्ष जांच कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

फिलहाल, छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों और मांगों पर शासन स्तर पर जांच या आगे की कार्रवाई को लेकर किसी निर्णय की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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