रायपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस देशभर में जनता का विश्वास खो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने पर कांग्रेस को EVM पर कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन चुनाव हारने के बाद वह EVM को जिम्मेदार ठहराती है।

सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस का जनता के बीच विश्वास कम हो रहा है, तो वह अलग-अलग मुद्दों को लेकर सवाल खड़े कर रही है।
हालांकि, निर्वाचन आयोग ने 23 सितंबर को कहा कि SIR समेत उसके सभी निर्णय पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं और आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 तथा संबंधित कानूनों के तहत काम करता है।
भूपेश बघेल के ‘घायल शेरनी’ बयान पर CM साय का पलटवार
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भाजपा नेता स्मृति ईरानी को ‘घायल शेरनी’ कहे जाने पर भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिक्रिया दी। बघेल ने स्मृति ईरानी को भाजपा की नई जिम्मेदारी के संदर्भ में ‘घायल शेरनी’ बताया था।
सीएम साय ने कहा कि भूपेश बघेल को भाजपा की चिंता छोड़कर अपनी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बघेल को पंजाब की जिम्मेदारी से हटाकर अब असम की जिम्मेदारी दी गई है और असम में उन्हें पहली बार में ही विरोध का सामना करना पड़ा।
नगांव में बघेल के काफिले पर पथराव का मामला
गौरतलब है कि असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान भूपेश बघेल और कांग्रेस नेताओं के काफिले पर पथराव की घटना सामने आई थी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि उनके काफिले को निशाना बनाया गया और वाहनों के शीशे टूटे।
इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन भी किया और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का पुतला दहन किया था।
सीएम साय ने इसी घटनाक्रम का हवाला देते हुए भूपेश बघेल पर निशाना साधा और कहा कि उन्हें भाजपा की चिंता करने के बजाय अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए।