बलौदा बाजार। जैन समाज बलौदा बाजार द्वारा दस दिवसीय पर्युषण पर्व का समापन अनंत चतुर्दशी के अवसर पर श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। इस अवसर पर श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। समाज के श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र की पूजा-अर्चना, अभिषेक, शांतिधारा और निर्वाण लाडू अर्पित कर धर्म आराधना की।

पर्युषण पर्व जैन धर्म का महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पर्व माना जाता है। दस दिनों तक चलने वाले इस पर्व में आत्मशुद्धि, संयम, तप, त्याग और अहिंसा पर विशेष जोर दिया जाता है। इस दौरान उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे दस धर्मों की आराधना की जाती है। अनंत चतुर्दशी पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं ने धर्म और भक्ति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
मूलनायक भगवान की शांतिधारा का मिला सौभाग्य
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर मूलनायक भगवान की शांतिधारा का सौभाग्य स्वर्गीय नेमीचंद की स्मृति में दिनेश छाबड़ा, निश्चल छाबड़ा एवं कुमारी प्रीशा को प्राप्त हुआ। वहीं प्रतिदिन होने वाली शांतिधारा का सौभाग्य नीरज कुमार छाबड़ा, धीरज कुमार, धवल दक्ष एवं समस्त छाबड़ा परिवार को मिला।
कलश अर्पित करने का मिला अवसर
पर्व के समापन अवसर पर कलश अर्पित करने का सौभाग्य प्रवीण आदि छाबड़ा, संजय पाटनी, सुजल काला, तुषार पाटनी, संजय जी सोनाडी वाले, मनोज पाटनी, नीरज छाबड़ा, सुभाष छाबड़ा, मयूर छाबड़ा, शैलेश छाबड़ा, दिव्यांश जैन और श्रेयांस पाटनी को प्राप्त हुआ।
निर्वाण लाडू की बोली में श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा
अनंत चतुर्दशी पर भगवान की निर्वाण आराधना के अंतर्गत निर्वाण लाडू की बोली आयोजित की गई। निर्वाण लाडू अर्पित करने का सौभाग्य रमेश कुमार, रितेश कुमार एवं शम्यक कुमार छाबड़ा परिवार को प्राप्त हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ निर्वाण लाडू अर्पित कर भगवान के मोक्ष कल्याणक का स्मरण किया।
इस तरह जैन समाज बलौदा बाजार में दस दिवसीय पर्युषण पर्व का समापन धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। पर्व के दौरान समाज के लोगों ने धर्म आराधना के साथ आत्मचिंतन, संयम, त्याग और सद्भाव का संदेश ग्रहण किया।