नर्मदापुरम। जिले में जर्जर तवा पुल से भारी वाहनों की आवाजाही और नर्मदा नदी में अवैध रेत खनन को लेकर प्रशासन के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। बुधवार को जिले के प्रभारी एवं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट कहा था कि जर्जर तवा पुल से भारी वाहन नहीं गुजरेंगे और अवैध रेत खनन पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। हालांकि, स्थानीय स्तर पर देर रात भारी वाहनों की आवाजाही और कथित अवैध खनन की गतिविधियां जारी रहने के आरोप सामने आए हैं।
तवा पुल, जो नर्मदापुरम को माखननगर, पिपरिया और पचमढ़ी से जोड़ता है, की जर्जर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने 25 टन से अधिक भार वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। पुल के दोनों ओर पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के समय ओवरलोडेड डंपर और ट्रक पुल से गुजर रहे हैं, जिससे पुल की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है।

इसी तरह नर्मदा नदी में अवैध रेत खनन रोकने के लिए प्रशासन ने बुधनी रोड से नदी तक जाने वाले रास्तों पर नालियां खुदवाई थीं। बावजूद इसके, आरोप है कि रात के समय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए नदी से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन जारी है।
भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए पुल पर हाइटगेज लगाए जाने का प्रस्ताव भी लंबे समय से लंबित बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इसकी डिजाइन और स्वीकृति संबंधी फाइल भोपाल स्तर पर लंबित है, जिसके कारण अब तक हाइटगेज स्थापित नहीं हो सका है।
मामले पर मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) के महाप्रबंधक अनिरुद्ध बंसल ने कहा कि तवा पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा हाइटगेज की मंजूरी मिलते ही उसे स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।