भोपाल। मध्य प्रदेश में न्यायालयों की व्यवस्थाओं और सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के न्यायालयों में कोर्ट रूम की सुविधाओं, सामग्री और उपकरणों की खरीदी के लिए अधिक वित्तीय अधिकार उपलब्ध होंगे। वित्त विभाग ने वित्तीय अधिकार पुस्तिका 1995 भाग-2 में संशोधन करते हुए न्यायालयों के लिए वित्तीय अधिकारों की नई सीमा तय की है।

हाईकोर्ट के कार्यालय को खरीदी के बढ़े अधिकार
नए प्रावधान के तहत उच्च न्यायालय के कार्यालय में सामग्री और उपकरणों की खरीदी के लिए वित्तीय अधिकारों में बढ़ोतरी की गई है। वहीं, मुख्य न्यायाधीश को वित्तीय मामलों में पूर्ण अधिकार प्रदान किए गए हैं।
इसके अलावा जिला एवं सत्र न्यायालयों और कुटुंब न्यायालयों के लिए न्यायालयों की संख्या के आधार पर वित्तीय अधिकारों की अलग-अलग सीमा निर्धारित की गई है।
कोर्ट की संख्या के आधार पर वित्तीय अधिकार
वित्त विभाग के आदेश के मुताबिक जिला अदालतों में न्यायालयों की संख्या के आधार पर खरीदी की अधिकतम सीमा इस प्रकार होगी—
- 1 से 15 न्यायालय वाले जिले: 20 लाख रुपये तक
- 16 से 30 न्यायालय वाले जिले: 40 लाख रुपये तक
- 31 से 45 न्यायालय वाले जिले: 60 लाख रुपये तक
- 46 से अधिक न्यायालय वाले जिले: 80 लाख रुपये तक
इन सीमाओं के भीतर संबंधित न्यायालय आवश्यक सामग्री और उपकरणों की खरीदी कर सकेंगे।
न्यायालयों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
सरकार के इस फैसले से जिला एवं सत्र न्यायालयों और कुटुंब न्यायालयों में जरूरी संसाधनों की खरीदी और व्यवस्थाओं को बेहतर करने में आसानी होने की उम्मीद है। वित्तीय अधिकार बढ़ने से कोर्ट रूम में आवश्यक उपकरण, कार्यालयीन सामग्री और अन्य सुविधाओं के लिए स्वीकृति प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी हो सकती है।
वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है, जिसके बाद संशोधित वित्तीय अधिकार लागू होंगे।