ED ने PMLA के तहत गिरफ्तार किया
प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर जोनल कार्यालय के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल को 11 अगस्त 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। इससे पहले वह रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।
गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष PMLA अदालत, रायपुर में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 18 अगस्त 2026 तक 7 दिन की ED हिरासत में भेज दिया।

EOW/ACB की FIR से शुरू हुई ED जांच
ED ने बताया कि उसकी मनी लॉन्ड्रिंग जांच EOW/ACB रायपुर की FIR तथा विशेष न्यायालय में पेश चार्जशीट और पूरक चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई। इन मामलों में 2019 से 2023 के बीच आबकारी प्रशासन में कथित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं।
₹3,000 करोड़ की कथित अवैध कमाई का आरोप
ED के अनुसार, पूर्व IAS अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी से जुड़े कथित सिंडिकेट ने शराब कारोबार में कई माध्यमों से अवैध वसूली की। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन गतिविधियों से करीब ₹3,000 करोड़ की अवैध कमाई हुई।
आरोपों में कथित तौर पर:
- बिना हिसाब वाली देसी शराब की बिक्री,
- डिस्टिलरी से कमीशन,
- विदेशी शराब कंपनियों से कमीशन,
- FL-10A लाइसेंस जारी करने के बदले कथित वसूली
शामिल हैं।
कांग्रेस कार्यालय तक नगदी पहुंचाने का दावा
ED का दावा है कि कथित अपराध से हासिल धन का एक हिस्सा नगद के रूप में रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया। एजेंसी के मुताबिक, PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज कुछ बयानों में दावा किया गया कि यह रकम उनके निर्देश पर सिंडिकेट से जुड़े लोगों के माध्यम से राजीव भवन, रायपुर स्थित तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचाई गई।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये ED की जांच में लगाए गए आरोप और दावे हैं, जिन्हें अदालत में साबित किया जाना अभी बाकी है।
चार समन के बावजूद पेश नहीं होने का आरोप
ED के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल को PMLA की धारा 50 के तहत चार बार समन जारी किए गए, लेकिन वह पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए। एजेंसी का दावा है कि बाद में दर्ज बयान में भी उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिए।
फिलहाल ED की जांच जारी है और 18 अगस्त तक उनकी हिरासत में पूछताछ की जाएगी।