मध्य प्रदेश के सतवास में डोल ग्यारस का पर्व आस्था और सौहार्द के माहौल में मनाया गया। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भगवान कृष्ण के डोल का भव्य चल समारोह निकाला गया। नगर के सभी डोल पवित्र हिंडोला बावड़ी पहुंचे, जहां भजन-कीर्तन के बीच भगवान कृष्ण का जल विहार कराया गया।

सतवास का डोल ग्यारस आयोजन इसलिए भी विशेष माना जाता है, क्योंकि हिंडोला बावड़ी के ठीक सामने शाही जामा मस्जिद स्थित है। दोनों धार्मिक स्थलों के बीच करीब 15 फीट की दूरी है। महाआरती के बाद मस्जिद में नमाज का समय होने के कारण आयोजन के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया।
बावड़ी और मस्जिद के बीच की गई बैरिकेडिंग
आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने हिंडोला बावड़ी और मस्जिद के बीच बैरिकेडिंग के साथ अन्य सुरक्षा इंतजाम किए। पुलिस बल की तैनाती रही और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल समारोह और धार्मिक आयोजन संपन्न कराया गया।
सतवास थाना प्रभारी आशीष पाल सिंह ने बताया कि शांति समिति की बैठक में आयोजन का समय निर्धारित किया गया था और उसी के अनुरूप कार्यक्रम हुआ। उन्होंने कहा कि नगर के सभी लोगों ने आयोजन में भाग लिया और पुलिस बल की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
राधा-कृष्ण की झांकी और अखाड़ों के करतब बने आकर्षण
डोल ग्यारस के चल समारोह में राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकी के साथ भूत मंडली और झांझ पार्टी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। अखाड़ों के कलाकारों ने विभिन्न हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को रोमांचित किया।
भगवान कृष्ण के डोल के हिंडोला बावड़ी पहुंचने के बाद भजन-कीर्तन के बीच जल विहार कराया गया। इसके बाद महाआरती हुई और श्रद्धालुओं को सवा क्विंटल खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया।
प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ आयोजन
सतवास थाना प्रभारी ने बताया कि दो अलग-अलग धर्मों के धार्मिक स्थल आमने-सामने होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग और परदे लगाए गए थे। पुलिस बल लगातार तैनात रहा। प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से डोल ग्यारस का आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।