इंदौर। राहुल गांधी के इंदौर दौरे और उनके कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ को लेकर मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कार्यक्रम में कलाकारों और सिंगर्स की प्रस्तुतियों को लेकर भी भाजपा की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने कांग्रेस पर सनातन संस्कृति और राष्ट्रवादी मूल्यों से दूरी रखने का आरोप लगाया है।

उषा ठाकुर बोलीं- पश्चिमी संस्कृति को आधार मानते हैं
भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग देश के कानून को नहीं मानते और वंदे मातरम् गाने से परहेज करते हैं, उनके बारे में वह कुछ नहीं कर सकतीं।
उन्होंने कहा कि भाजपा अपने कार्यक्रमों में सनातन संस्कृति से जुड़े आयोजन करती है, जबकि उनके आरोप के मुताबिक जो लोग इन परंपराओं को नहीं मानते, वे पश्चिमी संस्कृति को आधार बनाकर कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
उषा ठाकुर का यह बयान राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में होने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को लेकर आया है।
कार्यक्रम में सिंगर और कलाकार देंगे प्रस्तुति
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर आयोजन स्थल पर तैयारियां चल रही हैं। कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों के संवाद के साथ-साथ कई सिंगर और कलाकारों की प्रस्तुतियां भी प्रस्तावित हैं।
इसी को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से कार्यक्रम की सांस्कृतिक थीम पर सवाल उठाए जा रहे हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कार्यक्रम के जरिए युवाओं के बीच किस तरह का संदेश देने की कोशिश की जा रही है, इस पर कांग्रेस को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता राकेश यादव ने लगाए कई आरोप
भाजपा प्रवक्ता राकेश यादव ने भी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के बीच कार्यक्रम के जरिए सकारात्मक संदेश जाने के बजाय राजनीतिक उद्देश्य साधने की कोशिश की जा रही है।
राकेश यादव ने कार्यक्रम के लिए जमीन के किराए और आयोजन की अवधि को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के लिए जमीन का किराया कम बताया गया है और आयोजन से जुड़े काम कई दिनों से चल रहे हैं।
अनुमति तीन दिन की, पहले से चल रही तैयारियां
प्रशासन की ओर से रीजनल पार्क के मैदान में राहुल गांधी के कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति दी गई है। भाजपा की ओर से सवाल उठाया जा रहा है कि अनुमति तीन दिन के कार्यक्रम के लिए मांगी गई थी, जबकि आयोजन स्थल पर इससे पहले से ही टेंट लगाने और अन्य तैयारियों का काम चल रहा है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि जमीन का उपयोग अनुमति की अवधि से अधिक समय तक किया गया है तो नियमानुसार किराए की गणना और अन्य शुल्क में बदलाव हो सकता है।
जमीन के किराए को लेकर भी उठे सवाल
कार्यक्रम की तैयारियों के बीच अब आयोजन स्थल के किराए को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा की ओर से दावा किया जा रहा है कि तैयारियों के लिए मैदान का इस्तेमाल कई दिनों से किया जा रहा है, ऐसे में जमीन के उपयोग की अवधि के आधार पर किराए की दोबारा गणना की जा सकती है।
फिलहाल इस पूरे मामले में कांग्रेस की ओर से भाजपा नेताओं के इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जमीन के किराए और अनुमति की शर्तों को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगी।