- मध्य प्रदेश के बांगरेड गांव में भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
- वे गांव में नव निर्मित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे।
- कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने खराब सड़क, अधूरे विकास कार्यों और वर्षों से लंबित सड़क निर्माण की मांग को लेकर विधायक को घेर लिया।
- ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल तक पहुंचने के लिए सड़क ही नहीं है, ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र का लाभ लोगों तक कैसे पहुंचेगा।
- विरोध के दौरान विधायक के खिलाफ नारेबाजी हुई और कुछ लोगों ने “चोर-चोर” के नारे भी लगाए।
- स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब विधायक कार्यक्रम स्थल से निकलने लगे और ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया।
- विधायक और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हुई। वायरल वीडियो में विधायक को कहते हुए सुना गया, “चुप… चुप… वोट देना है तो दो।”
- सुरक्षा कर्मियों और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी, जिसके बाद विधायक वहां से रवाना हो गए।
ग्रामीणों की मुख्य शिकायत
- बांगरेड खेड़ा तक जाने वाली लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क वर्षों से नहीं बन पाई है।
- ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
भाजपा का पक्ष
- अर्जुन माली ने कहा कि विधायक क्षेत्रीय कार्यक्रमों में व्यस्त थे।
- उन्होंने बताया कि ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे और विधायक ने सड़क बनवाने का आश्वासन दिया है।
- उनके अनुसार, जल्द ही सड़क निर्माण को लेकर औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
पृष्ठभूमि
- ओमप्रकाश सकलेचा, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरेंद्र कुमार सकलेचा के पुत्र हैं।
- वे जावद विधानसभा क्षेत्र से पांचवीं बार विधायक चुने गए हैं और राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।