
- मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
- यूसीसी पर आम लोगों से ऑनलाइन सुझाव देने की अंतिम तिथि 22 जून निर्धारित की गई है।
- राज्य सरकार जुलाई में शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में यूसीसी विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है।
- मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए भोपाल में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है।
- यह बैठक जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में हो रही है।
- बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, धर्मगुरु, विभिन्न आयोगों के सदस्य और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।
- नरोन्हा प्रशासन अकादमी में दिनभर अलग-अलग सत्रों में विभिन्न पक्षों से सुझाव लिए जाने हैं।
- सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी समिति के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
- सरकार का उद्देश्य सभी हितधारकों की राय लेकर यूसीसी का अंतिम प्रारूप तैयार करना है।
यूसीसी क्या है?
समान नागरिक संहिता (UCC) का अर्थ है कि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक मामलों जैसे नागरिक विषयों पर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू हो, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।
आगे क्या होगा?
- सुझावों और चर्चाओं के आधार पर समिति अंतिम मसौदा तैयार करेगी।
- मसौदा राज्य सरकार को सौंपा जाएगा।
- इसके बाद सरकार इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में प्रस्तुत कर सकती है।
- विधानसभा से पारित होने और आवश्यक संवैधानिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही इसे कानून का रूप मिलेगा।
यह मुद्दा कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, इसलिए सरकार विभिन्न वर्गों की राय लेकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है।