November 6, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लंबे समय से प्रतीक्षित विकास योजना-2047 (Master Plan 2047) का प्रस्तावित ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। करीब 21 साल बाद सामने आए इस ड्राफ्ट में शहर के विस्तार, परिवहन, आवास, व्यावसायिक गतिविधियों, हरित क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अहम प्रावधान किए गए हैं। अब नागरिकों और संबंधित संस्थाओं से दावे-आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे, जिसके बाद जरूरत के अनुसार संशोधन कर अंतिम प्रारूप तैयार किया जाएगा।

प्रस्तावित योजना में ग्रीन एरिया को बढ़ाकर 27 प्रतिशत, मिश्रित भूमि उपयोग, TOD आधारित विकास, ग्रीन TDR और हाई-डेंसिटी डेवलपमेंट जैसे प्रावधान किए गए हैं। वहीं करीब 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर का भी प्रस्ताव है, जिसे भोपाल के भविष्य के शहरी और आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा गया है।

27% होगा ग्रीन एरिया, Green TDR का भी प्रावधान

प्रस्तावित मास्टर प्लान में भोपाल के हरित क्षेत्र को बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। ड्राफ्ट में ग्रीन एरिया करीब 27 प्रतिशत रखने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही Green Transferable Development Rights (TDR) की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

इस व्यवस्था के तहत ग्रीन जोन में आने वाली भूमि के मालिकों को विकास अधिकार के रूप में क्षतिपूर्ति देने और निर्धारित नियमों के तहत इन विकास अधिकारों को अन्य स्थानों पर उपयोग करने की व्यवस्था की जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी ड्राफ्ट जारी करते हुए ग्रीन TDR को योजना की प्रमुख विशेषताओं में शामिल बताया है।

51 KM का ग्रोथ कॉरिडोर, मिक्स लैंड यूज पर जोर

मास्टर प्लान में करीब 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव है। इसके आसपास मिश्रित भूमि उपयोग और हाई-डेंसिटी डेवलपमेंट की योजना बनाई गई है।

इस क्षेत्र में हेल्थकेयर, IT और AI सेंटर, डेटा सेंटर, होटल-हॉस्पिटैलिटी, हाइपरमार्केट, मॉल, होलसेल गतिविधियां, मल्टीप्लेक्स, कॉरपोरेट ऑफिस और एजुकेशन हब जैसी गतिविधियों को विकसित करने का प्रस्ताव है।

इसके अलावा योजना में Transit Oriented Development (TOD) आधारित विकास को भी बढ़ावा देने का प्रावधान है।

आवासीय क्षेत्र पांच जोन में बांटने का प्रस्ताव

प्रस्तावित विकास योजना में आवासीय क्षेत्र को अलग-अलग जोन में बांटने का प्रावधान किया गया है। वहीं कमर्शियल लैंड यूज के लिए अलग सेंटर प्रस्तावित किए गए हैं।

स्पेशल प्लानिंग, इंडस्ट्रियल एरिया और पब्लिक यूटिलिटी के लिए भी अलग-अलग जोन प्रस्तावित हैं। तालाबों से प्रभावित क्षेत्रों के लिए अलग जोन बनाए गए हैं। इसके अलावा सिटी फॉरेस्ट, जियोलॉजिकल स्पेस और बोटैनिकल गार्डन जैसे क्षेत्रों को भी अलग पहचान देने का प्रस्ताव है।

भोजताल के लिए तीन जोन का प्रस्ताव

प्रस्तावित मास्टर प्लान में भोपाल के बड़े तालाब को ‘भोजताल’ के नाम से चिन्हित किया गया है। ड्राफ्ट में भोजताल क्षेत्र के लिए तीन अलग-अलग जोन का प्रावधान किया गया है।

योजना में भोपाल की प्राकृतिक धरोहरों, वन क्षेत्रों, जलस्रोतों और वन्यजीव क्षेत्रों के संरक्षण पर भी जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने ड्राफ्ट जारी करते हुए भोजताल, वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्र के संरक्षण को योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है।

हाई डेंसिटी डेवलपमेंट और ऊंची इमारतों पर जोर

मास्टर प्लान में वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए FAR और सड़क की चौड़ाई से जुड़े प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार चौड़ी सड़कों पर अधिक FAR के जरिए ऊंची इमारतों के निर्माण की अनुमति का रास्ता खोला गया है।

75 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों वाले क्षेत्रों में FAR पर अलग तरह के प्रावधान प्रस्तावित हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में सड़क की चौड़ाई और प्लॉट से जुड़े मानकों के आधार पर विकास की सीमा तय होगी। इसलिए ड्राफ्ट को सीधे तौर पर ‘हर जगह अनलिमिटेड FAR’ मानना सही नहीं होगा; अंतिम प्रावधान लागू होने वाले नियमों और स्वीकृत योजना पर निर्भर करेंगे।

रहवासी इलाकों में कारोबार के लिए सड़क की चौड़ाई महत्वपूर्ण

प्रस्तावित योजना में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को सड़क की चौड़ाई से जोड़ने का प्रावधान किया गया है। संकरी सड़कों पर बड़े शोरूम और मॉल जैसी गतिविधियों पर रोक रखने तथा चौड़ी सड़कों पर निर्धारित शर्तों के साथ व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देने का प्रस्ताव है।

इससे पुराने शहर और मौजूदा रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर भी नए नियमों का असर पड़ सकता है।

ओल्ड सिटी के लिए अलग डेवलपमेंट प्लान

प्रस्तावित मास्टर प्लान में भोपाल के ओल्ड सिटी क्षेत्र को अलग विकास योजना के तहत रखने का प्रावधान किया गया है। वहीं तालाब, हरित क्षेत्र और विशेष प्राकृतिक क्षेत्रों के लिए अलग जोनिंग की गई है।

योजना का उद्देश्य शहर के नए विस्तार के साथ पुराने शहर की मौजूदा संरचना और जरूरतों को भी अलग तरीके से ध्यान में रखना है।

2005 के बाद पहली बड़ी विकास योजना

भोपाल की पिछली विकास योजना वर्ष 1995 में जारी हुई थी, जिसकी अवधि 2005 तक थी। इसके बाद लंबे समय तक नई विकास योजना लागू नहीं हो सकी।

2021 में विकास योजना-2031 के लिए दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। इसके बाद संशोधित प्रारूप भी सामने आया, लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। अब 2026 में विकास योजना-2047 का नया ड्राफ्ट जारी किया गया है।

नए ड्राफ्ट का निवेश क्षेत्र करीब 1,016.90 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें 254 गांव शामिल हैं। योजना को करीब 45 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया- नागरिकों के सुझाव लिए जाएंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के जरिए भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप के प्रकाशन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना में भोपाल की प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से प्रस्तावित प्रारूप पर अपने दावे, आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत करने की अपील की है। भोपाल जिला प्रशासन की वेबसाइट पर ड्राफ्ट बुक, लैंडयूज मैप और खसरा ओवरले मैप भी उपलब्ध कराए गए हैं।

ड्राफ्ट जारी होते ही शुरू हुई सियासत

मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि अभी मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ है, बल्कि केवल इसका ड्राफ्ट जारी किया गया है। उन्होंने दावा किया कि ड्राफ्ट तैयार होने में देरी हुई और इसे लेकर सरकार पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के बाद कदम उठाने का आरोप लगाया।

वहीं सरकार की ओर से इसे भोपाल के भविष्य के नियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया जा रहा है। अब ड्राफ्ट पर आने वाली आपत्तियों और सुझावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।

30 दिन में दे सकेंगे दावे-आपत्तियां

भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप पर नागरिकों और संस्थाओं को दावे, आपत्तियां और सुझाव देने का अवसर दिया गया है। जिला प्रशासन ने इसके लिए ऑनलाइन माध्यम और ई-मेल की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के परीक्षण के बाद आवश्यक संशोधन किए जा सकते हैं और इसके बाद अंतिम विकास योजना की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *