भोपाल। मध्य प्रदेश में कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। कर्मचारी मंच की ओर से लगातार उठाई जा रही मांगों के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों से कर्मचारियों से जुड़े मामलों की जानकारी तलब की है। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से कलेक्टरों को पत्र भेजकर कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं से संबंधित विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कर्मचारी मंच ने CM को लिखा था पत्र
कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडेय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए बैठक बुलाने और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की मांग की थी। इसमें अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन और पदोन्नति से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया गया था।
इसके अलावा सीधी भर्ती से जुड़े मामलों और कर्मचारियों के खिलाफ लंबित जांच प्रकरणों के निराकरण की भी मांग की गई थी। कर्मचारी मंच ने कहा था कि लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान के लिए शासन स्तर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।
इन कर्मचारियों की मांगों को भी शामिल करने की मांग
कर्मचारी मंच ने बैठक में केवल नियमित कर्मचारियों से जुड़े मामलों तक सीमित न रहकर स्थायी कर्मी, दैनिक वेतन भोगी, आउटसोर्स, संविदा और अंशकालिक कर्मचारियों की समस्याओं को भी शामिल करने की मांग की है।
इसके साथ ही कर्मचारियों और उनके आश्रितों से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किए जाने की मांग भी रखी गई है।
कलेक्टरों से मांगा गया पूरा ब्योरा
मुख्यमंत्री सचिवालय के पत्र के बाद अब सभी जिलों से कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें लंबित प्रकरणों और उनके निराकरण की स्थिति समेत कर्मचारी मंच की ओर से उठाए गए मुद्दों से जुड़ी जानकारी शामिल की जाएगी।
इस कवायद के बाद जिलों से प्राप्त जानकारी के आधार पर कर्मचारियों की समस्याओं की समीक्षा किए जाने की संभावना है। कर्मचारी मंच ने उम्मीद जताई है कि लंबित मामलों के समाधान के लिए शासन स्तर पर ठोस दिशा-निर्देश जारी होंगे।