November 6, 2026

भिंड/झाबुआ। मध्य प्रदेश में गणेश विसर्जन के दौरान दो अलग-अलग हादसों में चार बच्चों की जान चली गई। भिंड जिले में गणपति विसर्जन के दौरान तीन किशोर कुंवारी नदी में डूब गए, जबकि झाबुआ जिले में सहेलियों के साथ गणेश प्रतिमा विसर्जित करने तालाब पहुंची 12 वर्षीय बच्ची की डूबने से मौत हो गई।

भिंड में अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी आई। पुलिस और बचाव दल ने देर रात तक तलाश की, लेकिन तीनों किशोरों का पता नहीं चल सका। अब सुबह दोबारा तलाशी अभियान चलाया जाएगा।

भिंड में गणेश विसर्जन के दौरान 3 किशोर नदी में डूबे

भिंड जिले के ऊमरी थाना क्षेत्र के कनावर गांव में गणपति विसर्जन के दौरान हादसा हुआ। बताया गया कि तीन किशोर कनावर की कुंवारी नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जित करने पहुंचे थे। इसी दौरान तीनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए।

घटना की जानकारी मिलते ही ऊमरी पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। अंधेरा होने के कारण तलाशी अभियान में परेशानी हुई। पुलिस के अनुसार सुबह होते ही दोबारा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।

डूबने वालों में 16 से 17 साल के किशोर

नदी में डूबने वाले किशोरों की पहचान कनावर निवासी कृष्णा (17), अभिजीत (16) और मदन (17) के रूप में हुई है। तीनों गणपति विसर्जन के लिए नदी पर पहुंचे थे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक नदी किनारे करीब पांच जोड़ी चप्पलें मिली हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि मौके पर और लोग भी मौजूद रहे होंगे। हालांकि पुलिस के अनुसार फिलहाल तीन किशोरों के ही डूबने की जानकारी सामने आई है।

झाबुआ में तालाब में डूबी 12 साल की बच्ची

वहीं झाबुआ जिले की खवासा चौकी क्षेत्र के ग्राम चापानेर में गणेश विसर्जन के दौरान एक नाबालिग बच्ची की मौत हो गई। मृतका की पहचान पुष्पा मोहन (12) निवासी गणावा, चापानेर के रूप में हुई है।

जानकारी के मुताबिक पुष्पा अपनी सहेलियों के साथ गणेश विसर्जन के लिए तालाब पर गई थी। इसी दौरान वह तालाब के गहरे पानी में डूब गई। साथ मौजूद अन्य बालिकाओं ने घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी।

ग्रामीणों ने बच्ची को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

गणेश विसर्जन में सावधानी बरतने की अपील

लगातार सामने आ रहे हादसों को देखते हुए लोगों से गणेश विसर्जन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने या पानी में छलांग लगाने से बचना चाहिए।

प्रशासन और नगर निकायों की ओर से निर्धारित सुरक्षित घाटों पर ही प्रतिमाओं का विसर्जन करने की सलाह दी गई है। ऐसे स्थानों को प्राथमिकता देने की अपील की गई है, जहां गोताखोर, लाइफ जैकेट और बचाव दल उपलब्ध हों।

परिजनों से भी अपील की गई है कि बच्चों को अकेले नदी, तालाब या अन्य गहरे जलस्रोतों के पास न जाने दें और विसर्जन के दौरान उनकी गतिविधियों पर नजर रखें।

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