रायपुर। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष राज्योत्सव 1 से 3 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय बैठक हुई।

बैठक में राज्योत्सव के साथ प्रस्तावित राज्य अलंकरण समारोह, विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियों और प्रदर्शनी की तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
1 से 3 नवंबर तक राज्योत्सव का आयोजन
राज्योत्सव का राज्य स्तरीय आयोजन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर (मेला ग्राउंड), ग्राम तूता, नवा रायपुर अटल नगर में प्रस्तावित है। आयोजन के समन्वय के लिए संस्कृति विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शनी के जरिए प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें। विभागों को 22 अक्टूबर तक अपनी तैयारियों और प्रस्तावित प्रदर्शनी की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
विकास के साथ भविष्य की संभावनाओं पर फोकस
मुख्य सचिव ने राज्योत्सव को केंद्रीय थीम आधारित स्वरूप में आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी और आयोजन की रूपरेखा में छत्तीसगढ़ के विकास के साथ भविष्य की संभावनाओं को भी प्रमुखता दी जाए।
राज्योत्सव की थीम में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ जैसे विषयों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही राज्य में चल रहे विकास कार्यों, सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा को आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर भी जोर दिया जाएगा।
40 राज्य स्तरीय अलंकरण और पुरस्कार
राज्योत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए 40 राज्य स्तरीय अलंकरण एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
बैठक में पुरस्कारों के चयन और उनसे जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मेला ग्राउंड में ले-आउट और स्टॉल की तैयारी
राज्योत्सव आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न विभागों और एजेंसियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सीएसआईडीसी, एनआरडीए और लोक निर्माण विभाग मेला स्थल के ले-आउट, स्टॉल आवंटन, विकास प्रदर्शनी, मुख्य मंच, डोम, पंडाल, बैठक व्यवस्था और बैरिकेडिंग से जुड़े काम संभालेंगे।
वहीं जनसंपर्क विभाग और चिप्स को प्रचार-प्रसार तथा हाईटेक मीडिया सेंटर की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है।
पेयजल, स्वच्छता से लेकर सुरक्षा तक पुख्ता इंतजाम
राज्योत्सव में आने वाले लोगों के लिए नागरिक सुविधाओं की जिम्मेदारी नगर निगम रायपुर और एनआरडीए को दी गई है। इसके तहत सिटी बस सेवा, पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
आयोजन स्थल और आसपास सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस विभाग संभालेंगे। इसके तहत सुरक्षा के साथ यातायात प्रबंधन, पार्किंग और अग्निशमन व्यवस्था भी शामिल है।
स्वास्थ्य विभाग चिकित्सा सुविधाओं और एंबुलेंस की व्यवस्था करेगा, जबकि ऊर्जा विभाग आयोजन के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
विभागवार तैयारियों की होगी निगरानी
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए। राज्योत्सव के आयोजन को लेकर विभागीय तैयारियों की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाएगी, ताकि मुख्य आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव बसवराजु एस., सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
रायपुर संभाग के कमिश्नर, रायपुर कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।