विधायक ने PWD कार्यालय पहुंचकर जताई नाराजगी
विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार लोक निर्माण विभाग के कार्यालय पहुंचे और मुख्य अभियंता के सामने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर राशि स्वीकृत होने के बावजूद जमीनी स्थिति संतोषजनक नहीं है।

₹1,100 करोड़ की सड़कों पर उठाए सवाल
विधायक के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब ₹1,100 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिली। इसके बावजूद:
- कई सड़कें बनने के कुछ समय बाद ही उखड़ गईं।
- कुछ सड़कों का काम कागजों में पूरा दिखाया गया, जबकि मौके पर निर्माण दिखाई नहीं देता।
- खराब सड़कों को लेकर शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।
अधिकारियों पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
गहरवार ने PWD मझगवां के SDO अश्वनी निगम पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि क्षेत्र की सड़कों की लगातार खराब होती स्थिति के बावजूद अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और विकास कार्यों की जगह अवैध वसूली पर ध्यान देने के आरोप लगाए।
हालांकि, ये आरोप विधायक की ओर से लगाए गए हैं; संबंधित अधिकारियों या विभाग का पक्ष सामने आना जरूरी है।
“जब हम मर जाएंगे, तब सड़कें बनेंगी”
विधायक ने अधिकारियों की कथित लापरवाही पर तीखी नाराजगी जताते हुए कहा—“जब हम मर जाएंगे, तब सड़कें बनेंगी।” उनका यह बयान सड़क निर्माण में देरी और विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर उनकी नाराजगी को दर्शाता है।
मामले में अब सबसे अहम सवाल यह है कि ₹1,100 करोड़ की स्वीकृत परियोजनाओं में वास्तव में कितना काम जमीन पर हुआ, निर्माण की गुणवत्ता कैसी है और आरोपों की विभागीय जांच होती है या नहीं।