धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गंगरेल बांध के डुबान प्रभावितों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर बांध के तट पर जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह का भी ऐलान किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद प्रभावित परिवारों को अब तक व्यवस्थापन के लिए जमीन नहीं मिली है।

गंगरेल बांध में डूबे थे 52 गांव
मामला गंगरेल बांध के डुबान क्षेत्र का है। ग्रामीणों के मुताबिक, बांध निर्माण के दौरान 52 गांवों की जमीन जलमग्न हो गई थी। उस समय शासन की ओर से प्रभावित परिवारों को व्यवस्थापन के लिए जमीन देने का आश्वासन दिया गया था।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस आश्वासन के बावजूद 300 से अधिक परिवार आज भी व्यवस्थापन के लिए भटक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने का आरोप
डुबान प्रभावितों ने आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद भी प्रशासन ने उसका पालन नहीं किया है। प्रदर्शनकारियों का सवाल है कि जब अदालत का आदेश मौजूद है, तो प्रभावित परिवारों को राहत देने में देरी क्यों हो रही है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द व्यवस्थापन की व्यवस्था करने और अपने अधिकारों से जुड़ी मांगों का समाधान करने की अपील की है। हालांकि, हाईकोर्ट के आदेश और उसके अनुपालन की मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमला
जल सत्याग्रह और विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। ग्रामीणों ने अपनी मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह जारी रखने का ऐलान किया है।
अब प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत तथा आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर है। प्रभावित परिवारों को व्यवस्थापन के लिए जमीन मिलने की मांग इस आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।