रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब तमनार वन परिक्षेत्र के छैडोरिया गांव के पास एक तालाब में हाथी शावक का शव मिला। तालाब में शव मिलने की सूचना से ग्रामीणों में चिंता का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकालकर जांच शुरू की।

वन विभाग के मुताबिक, प्रारंभिक जानकारी में हाथी शावक की तालाब में डूबने से मौत होने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने तालाब में देखा हाथी शावक का शव
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह छैडोरिया गांव के कुछ ग्रामीण तालाब की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर पानी में पड़े हाथी के बच्चे के शव पर पड़ी।
ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को तालाब से बाहर निकाला।
तमनार क्षेत्र में लगातार हो रही हाथियों की आवाजाही
तमनार वन क्षेत्र में पिछले कुछ समय से हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। वन विभाग के अनुसार, इलाके में लंबे समय से 51 हाथियों का एक बड़ा दल विचरण कर रहा था।
इसी दल में हाल ही में जन्मा हाथी शावक भी शामिल था। वन विभाग के मुताबिक, दल का एक हाथी दूसरी जगह चला गया है, जबकि बाकी हाथियों की गतिविधियों पर विभाग नजर रख रहा है।
शावक की मौत के बाद आसपास के क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी और उनकी गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
एसडीओ बोले- डूबने से हुई मौत
रायगढ़ वन मंडल के घरघोड़ा एसडीओ आशुतोष मंडावा ने बताया कि छैडोरिया गांव के पास तालाब में डूबने से हाथी शावक की मौत हुई है।
उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम कराया जाएगा और इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ के अनुसार, मृत शावक उसी 51 हाथियों के दल का हिस्सा था, जो लंबे समय से इस इलाके में विचरण कर रहा था।
पोस्टमार्टम के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
वन विभाग की टीम ने शव को बाहर निकाल लिया है। अब पोस्टमार्टम और विभागीय जांच के आधार पर मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी सामने आएगी।
हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग की टीम इलाके में निगरानी भी कर रही है, ताकि ग्रामीणों और वन्यजीवों के बीच टकराव की स्थिति को कम किया जा सके।