July 16, 2026

इंदौर को बड़ी सौगात: 1,214 करोड़ रुपये की जल एवं सीवरेज परियोजनाओं को केंद्र की मंजूरी

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में बुनियादी शहरी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अर्बन चैलेंज फंड (UCF) के तहत इंदौर नगर निगम की 1,214.54 करोड़ रुपये की जल प्रदाय और सीवरेज परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। नई दिल्ली में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की एपेक्स कमेटी की बैठक में इन परियोजनाओं को तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद इनके क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य बढ़ती आबादी की जरूरतों के अनुरूप शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करना, सीवरेज नेटवर्क का विस्तार करना और आधुनिक तकनीक के जरिए जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है।

जल प्रदाय और सीवरेज पर होगा बड़ा निवेश

स्वीकृत परियोजनाओं में 907.74 करोड़ रुपये जल प्रदाय योजनाओं और 306.80 करोड़ रुपये सीवरेज परियोजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नई जल वितरण लाइनें बिछाई जाएंगी, पुराने नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा तथा जरूरत वाले क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा। नगर निगम का मानना है कि इससे भविष्य में भी शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था अधिक सक्षम और व्यवस्थित बनी रहेगी।

302 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता

इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि अर्बन चैलेंज फंड के तहत कुल लागत का लगभग 25 प्रतिशत, यानी 302.70 करोड़ रुपये, केंद्र सरकार सहायता के रूप में उपलब्ध कराएगी। इससे नगर निगम पर वित्तीय बोझ कम होगा और परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों के अनुसार, यह राशि मुख्य रूप से नर्मदा परियोजना फेज-4 के अंतर्गत नई जल वितरण लाइनों और सीवरेज नेटवर्क के निर्माण पर खर्च की जाएगी।

आधुनिक तकनीक से होगा बेहतर जल प्रबंधन

एपेक्स कमेटी की बैठक में नगर निगम ने जल वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने, सीवरेज नेटवर्क के विस्तार और आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) विकसित करने की विस्तृत योजना प्रस्तुत की। इन परियोजनाओं में वर्तमान जरूरतों के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा गया है।

आधुनिक तकनीक के माध्यम से उपचारित पानी के पुनः उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे ताजे पानी की खपत कम होगी और भूजल संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर की जल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी। उपचारित पानी का उपयोग उद्योगों, उद्यानों और अन्य गैर-पेय कार्यों में किया जा सकेगा। इससे जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और इंदौर सतत एवं आधुनिक शहरी विकास की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ेगा।

बैठक में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी

नई दिल्ली में आयोजित एपेक्स कमेटी की बैठक में मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, इंदौर नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल तथा यूडीडी के दिव्यांक सिंह वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। अधिकारियों ने परियोजनाओं की तकनीकी और वित्तीय रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसके बाद केंद्र सरकार ने इन्हें मंजूरी प्रदान की।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *