कोरबा। छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ के आह्वान पर नगर पालिक निगम कोरबा के अधिकारी-कर्मचारियों ने गुरुवार को एक दिवसीय धरना दिया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले प्रदर्शन में कर्मचारियों ने अपनी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज उठाई और शासन से जल्द निराकरण की मांग की।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों में वेतन संशोधन, पदोन्नति, नियमितीकरण और पुरानी पेंशन योजना की बहाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी भी दी गई।
पदोन्नति से पहले नई भर्ती नहीं करने की मांग
नगर निगम कोरबा के इंजीनियर अखिलेश शुक्ल ने बताया कि संघ के आह्वान पर यह प्रदर्शन प्रदेशभर में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कुल 18 मांगें हैं, जिनमें पदोन्नति प्रमुख है।
कर्मचारियों का कहना है कि नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले विभाग में लंबे समय से कार्यरत पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार पदोन्नति का अवसर दिया जाना चाहिए। पदोन्नति प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
OPS बहाली की भी उठी मांग
धरने में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। अखिलेश शुक्ल के मुताबिक, पहले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलता था, लेकिन बाद में नई पेंशन योजना (NPS) लागू की गई।
कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2005 के बाद नियमित हुए कई अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के लाभ से बाहर हो गए हैं। ऐसे में OPS को फिर से लागू करने की मांग की जा रही है।
10 से 15 साल से काम कर रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग
धरने में प्लेसमेंट और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी उठाया गया। अखिलेश शुक्ल ने कहा कि कई कर्मचारी पिछले 10 से 15 वर्षों से दैनिक वेतन या प्लेसमेंट के आधार पर काम कर रहे हैं।
संघ की मांग है कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे ऐसे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। यदि तत्काल नियमितीकरण संभव नहीं है तो उन्हें 4 हजार रुपये अतिरिक्त मानदेय देने पर विचार किया जाए।
वेतन संशोधन और रिक्त पदों पर भर्ती की भी मांग
कर्मचारियों ने तीन स्तरीय वेतन संशोधन लागू करने, रिक्त पदों पर भर्ती और पदोन्नति करने तथा कर्मचारियों को कार्यस्थल पर जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है।
संघ का कहना है कि नगरीय निकायों में कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है, ऐसे में रिक्त पदों को भरना और मौजूदा कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान जरूरी है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
धरने के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि यदि शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय नहीं लेता है तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। कोरबा के कर्मचारियों ने भी लंबे आंदोलन के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।
कर्मचारियों की ओर से अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की बात कही गई है।