November 6, 2026

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े CSMCL मैनपावर भुगतान मामले में आरोपी एन. उदय राव को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। EOW/ACB ने उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) की शराब दुकानों में मैनपावर सप्लाई से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में केस दर्ज किया है। 1 अक्टूबर 2026 की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत जारी रखने की अनुमति दी।

क्या है CSMCL मैनपावर भुगतान मामला?

यह मामला वर्ष 2019 से 2023 के बीच CSMCL की शराब दुकानों में सेल्समैन, सुपरवाइजर और हेल्पर समेत कर्मचारियों की तैनाती के लिए दिए गए मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है।

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर बढ़े हुए दावे किए गए। EOW/ACB के मुताबिक, इस प्रक्रिया में A-2-Z Infraservices Limited को करीब 34.06 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान हुआ और करीब 6.90 करोड़ रुपये की राशि कथित अवैध कमीशन के तौर पर भेजे जाने का आरोप है। ये आरोप जांच एजेंसी और अभियोजन के दावों पर आधारित हैं, जिनका अंतिम न्यायिक निर्धारण अभी होना बाकी है।

उदय राव ने आरोपों से किया इनकार

एन. उदय राव ने अपने खिलाफ लगे आरोपों का खंडन किया है। उनकी ओर से दलील दी गई कि FIR में उनका नाम नहीं था और वे A-2-Z Infraservices Limited के न तो डायरेक्टर थे और न ही शेयरहोल्डर।

राव की ओर से यह भी कहा गया कि कंपनी पर उनका स्वतंत्र प्रबंधकीय या वित्तीय नियंत्रण नहीं था और अभियोजन की ओर से लगाए गए कथित वित्तीय लेन-देन से उन्हें जोड़ने वाला पर्याप्त स्वतंत्र आधार नहीं है।

12 मई को हुई थी गिरफ्तारी, हाईकोर्ट ने खारिज की थी जमानत

रिपोर्टों के मुताबिक, एन. उदय राव को 12 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्होंने नियमित जमानत के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन 6 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।

इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने राव को अंतरिम राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट की शर्तों के अधीन रिहाई का निर्देश दिया था और मामले को 1 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- कोई प्रतिकूल रिपोर्ट है?

1 अक्टूबर की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राव के खिलाफ किसी प्रतिकूल रिपोर्ट की जानकारी मांगी। राज्य की ओर से अदालत को बताया गया कि उनके खिलाफ ऐसी कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं है।

इसके बाद अदालत ने मामले की परिस्थितियों और पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए अंतरिम जमानत को जारी रखने की अनुमति दी। जमानत अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट में कौन पेश हुआ?

एन. उदय राव की ओर से सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ अग्रवाल पेश हुए और एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड कौस्तुभ शुक्ला ने उनकी सहायता की। सुप्रीम कोर्ट के केस रिकॉर्ड में भी 1 अक्टूबर 2026 को N Uday Rao v/s State of Chhattisgarh मामले की सुनवाई दर्ज है।

जमानत का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं

सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत को मामले में दोषमुक्ति या आरोपों के खारिज होने के रूप में नहीं देखा जा सकता। EOW/ACB के आरोप और राव का बचाव दोनों न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। मामले में आरोपों की अंतिम स्थिति आगे की न्यायिक कार्यवाही और साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *