रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत रायपुर नगर निगम में 100 नए आवासों के निर्माण को मंजूरी मिली है। भारत सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (CSMC) ने दो एएचपी यानी भागीदारी में किफायती आवास परियोजनाओं को मंजूरी दी है। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 5 करोड़ 56 लाख रुपये है।

बांसटाल में बनेंगे 40 आवास
बांसटाल स्वीपर कॉलोनी स्लम के पुनर्वास के लिए 2 करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से 40 आवासों का निर्माण किया जाएगा।
इन आवासों के लिए केंद्रांश के रूप में प्रति आवास 1.50 लाख रुपये के हिसाब से 60 लाख रुपये और राज्यांश के रूप में प्रति आवास 2.33 लाख रुपये के हिसाब से 93 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, हितग्राही अंशदान के रूप में प्रति आवास 1.45 लाख रुपये के हिसाब से 58 लाख रुपये एकत्र किए जाएंगे।
अमलीडीह में 60 आवासों का निर्माण
दूसरी एएचपी परियोजना के तहत अमलीडीह में कमजोर आय वर्ग के लाभार्थियों के लिए 60 आवास बनाए जाएंगे। इस परियोजना की कुल लागत 3 करोड़ 45 लाख रुपये है।
इसके लिए केंद्रांश के रूप में प्रति आवास 1.50 लाख रुपये के हिसाब से 90 लाख रुपये और राज्यांश के रूप में प्रति आवास 1 लाख रुपये के हिसाब से 60 लाख रुपये मिलेंगे। वहीं, हितग्राही अंशदान के रूप में प्रति आवास 3.45 लाख रुपये के हिसाब से 1 करोड़ 95 लाख रुपये एकत्र किए जाएंगे।
36 महीने में पूरा करना होगा निर्माण
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने दोनों परियोजनाओं का निर्माण प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराने के निर्देश दिए हैं। स्वीकृति की तारीख से 36 महीने के भीतर दोनों परियोजनाओं को पूरा करना होगा।
आवासों का आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। शासन ने दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर भूतल या निचले तल पर आवास उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं।
100 परिवारों को मिलेगा पक्का आवास
इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रायपुर में कुल 100 आवास उपलब्ध होंगे। बांसटाल परियोजना से स्लम क्षेत्र के पुनर्वास में मदद मिलेगी, जबकि अमलीडीह परियोजना के तहत कमजोर आय वर्ग के लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराया जाएगा।