यह खबर बस्तर में ‘तिरंगा यात्रा 2026’ के जरिए शांति, सुरक्षा और विकास का संदेश देने से जुड़ी है। यात्रा का शुभारंभ 12 अगस्त को नारायणपुर से हुआ और इसका समापन 14 अगस्त को बीजापुर की कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर किया जाना है।
🇮🇳 नारायणपुर से शुरू हुई तिरंगा यात्रा
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व किया। विभिन्न समाज प्रमुखों ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। बच्चों और युवाओं से मंत्रियों ने मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया।

नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति का संदेश
विजय शर्मा के अनुसार यात्रा ऐसे क्षेत्रों से गुजर रही है जो लंबे समय तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहे हैं। उनका दावा है कि अब इन क्षेत्रों में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और तिरंगा यात्रा के जरिए देश-दुनिया को शांति और बदलाव का संदेश दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नारायणपुर को इसलिए चुना गया क्योंकि यह लंबे समय तक नक्सल प्रभावित जिलों में रहा है। उनके अनुसार इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर संभाग के 90 से अधिक ऐसे गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा, जहां आजादी के बाद अब तक राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण नहीं हुआ था।
🌄 “अब बस्तर दुनिया में छाएगा”
विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के लोग अब खुद को स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और राष्ट्रीय पर्वों पर गांव-गांव में तिरंगा फहराया जा रहा है। उन्होंने बस्तरवासियों, सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के योगदान को क्षेत्र में बदलाव का महत्वपूर्ण आधार बताया।
🏗️ विकास कार्यों में गड़बड़ी पर कार्रवाई
गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर में सड़क, शिक्षा, कौशल विकास, लघु वनोपज प्रसंस्करण और रोजगार के क्षेत्र में काम किया जा रहा है। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🌿 शहीदों की धरती की मिट्टी से बनेगा स्मारक
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यात्रा उन इलाकों से होकर गुजर रही है जहां जवानों और नागरिकों ने शहादत दी है। यात्रा के दौरान इन स्थानों की मिट्टी एकत्रित की जाएगी, जिसका उपयोग भविष्य में प्रस्तावित स्मारक के निर्माण में किया जाएगा।
🛣️ तीन दिन का रूट
पहला दिन: नारायणपुर → मुंजमेटा → झारागांव → धौड़ाई → कन्हारगांव → कड़ेनार → बोदली → सातधार → बारसूर → दंतेवाड़ा
दूसरा दिन: दंतेवाड़ा → सुकमा → बीजापुर के विभिन्न नक्सल प्रभावित क्षेत्र
तीसरा दिन: बीजापुर → आवापल्ली → उसूर → गलगम → नंबी → ताड़पाला → कर्रेगुट्टा पहाड़ी
14 अगस्त को कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर यात्रा का समापन प्रस्तावित है।
एक महत्वपूर्ण बात: खबर में सरकार की ओर से “31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त” होने का दावा किया गया है। इसे समाचार में प्रकाशित करते समय इसे सरकार/गृह मंत्री का दावा बताना बेहतर होगा, न कि स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में।