कोरिया जिला में रेत उत्खनन को लेकर हुए विवाद और एक भाजपा नेता की हत्या के बाद प्रशासन एवं खनिज विभाग सक्रिय नजर आ रहे हैं।
- रजत बंसल के निर्देश पर केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने देर रात औचक निरीक्षण अभियान चलाया।
- टीम ने मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के केल्हारी क्षेत्र में स्थित केवाई नदी, हसदेव नदी तथा अन्य नदी क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
- जांच के दौरान स्वीकृत अस्थायी रेत भंडारण स्थलों की सघन जांच की गई और ड्रोन सर्वे के जरिए रेत की मात्रा का आकलन किया गया।
- जहां भी संदिग्ध या अवैध भंडारण मिला, वहां संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया।
- विभाग का कहना है कि केवल एमसीबी जिले में ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पहुंच से दूर और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर हाईटेक ड्रोन तकनीक से निगरानी की जा रही है।
- इस अभियान का उद्देश्य अवैध रेत खनन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

प्रमुख महत्व
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब रेत खनन को लेकर राजनीतिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल उठे हैं। प्रशासन ड्रोन सर्वे और विशेष जांच दलों की मदद से अवैध खनन पर सख्ती दिखाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इन कार्रवाइयों का वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में अवैध खनन में कमी और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई से स्पष्ट होगा।