इस खबर का संक्षिप्त सार:
- विवेकानंद तिवारी, जो ट्रैफिक जागरूकता वाले वीडियो के कारण सोशल मीडिया पर लगभग 60 लाख फॉलोअर्स होने का दावा करते हैं, ने निलंबन के बाद पुलिस विभाग को इस्तीफा देने की पेशकश की है।
- विभाग ने उन्हें लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और सेवा नियमों के उल्लंघन के आरोप में निलंबित किया था। जांच में यह भी कहा गया कि अनुपस्थिति के दौरान वे सोशल मीडिया पर सक्रिय रहे।
- तिवारी ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से सफाई देते हुए कहा कि वे मानसिक तनाव, घबराहट और अनिद्रा जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे तथा चिकित्सकीय उपचार ले रहे थे।
- उनका दावा है कि उन्होंने अपनी खराब तबीयत की सूचना समय पर संबंधित अधिकारियों को दी थी और मेडिकल दस्तावेज भी साझा किए थे।
- उन्होंने कहा है कि अब वे विभागीय सेवा में वापस नहीं लौटना चाहते और सोशल मीडिया के माध्यम से सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों के प्रति जागरूकता अभियान जारी रखेंगे।
- साथ ही उन्होंने हेलमेट वितरण अभियान को और बड़े स्तर पर चलाने की बात कही है।
- दूसरी ओर, रामजी श्रीवास्तव ने कहा कि उनके पास अभी तक कोई औपचारिक इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है। यदि इस्तीफा आता है तो नियमानुसार उस पर विचार किया जाएगा।

मुख्य मुद्दा
यह मामला दो पहलुओं के बीच संतुलन का है:
- पुलिस सेवा के अनुशासन और विभागीय नियम।
- एक लोकप्रिय ट्रैफिक जागरूकता अभियान चलाने वाले पुलिसकर्मी की व्यक्तिगत एवं स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियाँ।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार होगा या विभाग कोई अन्य निर्णय लेगा।