रायपुर। असम के नगांव में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित पथराव की घटना के विरोध में रायपुर में युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का पुतला दहन कर घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

युवा कांग्रेस रायपुर (शहर) के जिला अध्यक्ष विनोद कश्यप ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद और विरोध अपनी जगह हैं, लेकिन हिंसा और भय का वातावरण स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
विनोद कश्यप ने कहा कि असम में हुई घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया में हिंसा और भय की स्थिति लोकतांत्रिक माहौल के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं को चुनाव प्रचार के दौरान पर्याप्त सुरक्षा मिलनी चाहिए, ताकि वे बिना किसी भय के अपने कार्यक्रम कर सकें।
नगांव में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर पथराव का आरोप
बता दें कि 21 सितंबर को नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के काफिले पर पथराव की घटना सामने आई थी। काफिले में असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, असम प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा समेत कई नेता मौजूद थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के दौरान कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचा। कांग्रेस की ओर से AICC सचिव मनोज चौहान और असम महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर के घायल होने की जानकारी भी दी गई। घटना के बाद कांग्रेस की ओर से नगांव सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
कांग्रेस नेताओं ने पथराव के लिए BJP समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने घटना को कांग्रेस के अंदरूनी गुटीय विवाद से जोड़ते हुए कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
घटना के बाद नगांव उपचुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। युवा कांग्रेस ने रायपुर में प्रदर्शन कर इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।