इंदौर। इंदौर के चंदन नगर थाने में पुलिस कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर एक व्यक्ति की पैरवी करने पहुंचे दिनेश शर्मा को लेकर मामला चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, 17 सितंबर की रात पुलिस एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान दिनेश शर्मा थाने पहुंचा और खुद को बीजेपी नेता तथा कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का करीबी बताया। आरोप है कि उसने आरोपी को राहत दिलाने के लिए पुलिस पर प्रभाव डालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई जारी रखी।

मंत्री के नाम का प्रभाव दिखाने की कोशिश का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, दिनेश शर्मा आरोपी की पैरवी करने चंदन नगर थाने पहुंचा था। वहां उसने खुद को बीजेपी नेता और कैलाश विजयवर्गीय का करीबी बताया।
आरोप है कि इसी पहचान के जरिए पुलिस कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश की गई। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने कथित दबाव को नजरअंदाज करते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी।
दिनेश शर्मा पर भी दर्ज होने की बात
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी की पैरवी करने पहुंचे दिनेश शर्मा के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में इन मामलों की धाराओं और वर्तमान कानूनी स्थिति का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
ऐसे में इस पहलू की पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड से होना बाकी है।
पुलिस कार्रवाई के बीच खाली हाथ लौटा
बताया गया कि दिनेश शर्मा ने आरोपी को राहत दिलाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई में कोई बदलाव नहीं किया। आखिरकार उसे थाने से वापस लौटना पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने उसे यह भी हिदायत दी कि यदि भविष्य में सरकारी काम में किसी तरह की बाधा डालने की कोशिश की गई तो उसके खिलाफ भी सरकारी कार्य में बाधा से संबंधित प्रकरण दर्ज किया जा सकता है।
कैलाश विजयवर्गीय के साथ तस्वीरों का भी जिक्र
इस पूरे मामले में दिनेश शर्मा और संबंधित आरोपी की कैलाश विजयवर्गीय के साथ तस्वीरों का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, किसी नेता के साथ तस्वीर होना अपने आप में किसी व्यक्ति के राजनीतिक पद, आधिकारिक संबंध या प्रभाव का प्रमाण नहीं है।
फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखी और कथित पैरवी का कार्रवाई पर असर नहीं पड़ा। पूरे मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।